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5 महीने से इस महिला को पकड़े है कोरोना ; 31 बार टेस्ट कराए, सबका रिजल्ट पॉजिटिव

भरतपुर : आमतौर पर कोरोनावायरस का संक्रमण 14 दिन में पूरा हो जाता है। लेकिन, राजस्थान के भरतपुर में एक महिला पिछले पांच महीने से कोरोना संक्रमित है। शहर के अपना घर नाम के आश्रम में रहने वाली 30 साल की शारदा देवी के अब तक 31 टेस्ट पॉजिटिव आ चुके हैं। इनमें 17 RT-PCR और 14 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं। उन्हें एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाइयां दी जा चुकी हैं, लेकिन कोरोना है कि जाने का नाम नहीं लेता।

इस बीच दिलचस्प बात यह है कि कोरोना रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आने के बावजूद शारदा देवी खुद को स्वस्थ महसूस करती हैं। दिनभर के अपने सार काम वे खुद ही करती हैं। उनका वजन भी इस दौरान 8 किलो बढ़ गया है। डॉक्टरों के लिए शारदा देवी का केस अजूबा बना हुआ है।

दूसरों को खतरा नहीं, लेकिन आइसोलेशन जरूरी
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार कहते हैं, ‘कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद शारदा दूसरों के लिए खतरा नहीं हैं। क्योंकि, उनकी बाॅडी में मौजूद कोरोनावायरस एक्टिव नहीं हैं। यानी अब उनसे दूसरों में संक्रमण नहीं फैलेगा। हालांकि, ऐहतियात के तौर पर उन्हें आइसोलेशन में रखने की जरूरत है।’

लो इम्यूनिटी हो सकती है टेस्ट पॉजिटिव आने की वजह
डॉ. प्रदीप कुमार के मुताबिक, ‘कोरोना रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव होने के दो कारण हो सकते हैं.. पहला तो ये कि पेशेंट के म्यूकोजा (नाक की झिल्ली) में डैड वायरस स्टोर हो गया हो। इससे नाक की झिल्ली काफी कमजोर हो जाती है। इस वजह से उनके टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हैं। और दूसरा ये कि उनकी इम्यूनिटी काफी लो है, जिससे संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। हालांकि, इसकी सटीक जानकारी के लिए जांच कराना जरूरी है।

पांच महीने से आइसोलेशन रूम में कैद है जिंदगी
डॉक्टरों की इस हिदायत के चलते शारदा देवी पांच महीने से दो कमरों के एक विशेष आइसोलेशन रूम में जेल जैसी जिंदगी काटने को मजबूर हैं। आश्रम के अध्यक्ष डॉ. बीएम भारद्वाज ने कहा, ‘शारदा को बझेरा गांव से यहां लाया गया था। तब उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। वे आश्रम की पहली काेरोना पॉजिटिव थीं। उनका पहला टेस्ट 28 अगस्त 2020 को किया गया था।

शारदा के लिए आश्रम ने कोविड केयर सेंटर खोला
अपना घर आश्रम में फिलहाल शारदा देवी समेत 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं। कोरोना पाॅजिटिव निकलने पर शारदा को अगस्त के आखिर में भरतपुर के RBM अस्पताल में भेजा गया था। वहां डाॅक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि इनकी मानसिक और शारीरिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए एक अटेंडेंट साथ रखना होगा। इसके बाद आश्रम ने अपना कोविड केयर सेंटर खोला। अब उन्हें जयपुर शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।

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