जरा हट के

अगर देखना है मां का प्यार, तो देखिए 4800 पुराना ये जीवाश्म

 

ताइवान (TAIWAN) में पुरातत्वविदों ने एक मानव माँ के 4,800 वर्ष पुराने जीवाश्म के उन अविश्वसनीय अवशेषों से पर्दा हटाया, जिसमें वो अपनी बाहों में लिए हुए शिशु को प्यार से निहार रही हैं। “ताइचुंग (TAICHUNG) शहर की प्राचीनतम माँ” की यह असाधारण खोज साबित करती है कि माँ का प्रेम समय से बढ़कर होता है!

 

ताइचुंग शहर में ऐन ही रोड रूइन (ANN HE ROAD RUIN) में कंकालों के अड़तालीस जोड़े खोदकर निकाले गए, ताइवान के प्राकृतिक विज्ञान के राष्ट्रीय संग्राहलय के अधिकारियों ने यह घोषणा की।

48 अवशेषों में से सबसे प्रमुख और हृदयविदारक जीवाश्म युवा माँ का था जो 4,800 वर्ष पुराना पाया गया जिसमें वे एक बच्चे को गले से लगाए हुए थीं। उन्हें ‘‘ताचुंग सिटी की प्राचीनतम माँ,’’ की उपाधि दी गई और वे अपनी बाहों में बच्चे को गोद में लेकर निहार रही थीं।

पुरातत्वविदों ने जब माँ और बच्चे को एक प्रेममयी क्षण में पाया तो वे आश्चर्यचकित हो गए थे।

“जब यह खोदा गया था, तब सभी पुरातत्वविद और कर्मचारी सदस्य चौंक गए। क्यों? क्योंकि माँ अपने हाथ में लिए बच्चे को देख रही थीं,” ताइवान के प्राकृतिक विज्ञान के राष्ट्रीय संग्राहलय में नृविज्ञान विभाग में एक निरीक्षक चू व्ही ली (CHU WHEI-LEE) ने कहा।

शोधकर्ताओं ने कार्बन डेटिंग प्रौद्योगिकी का उपयोग कर पुष्टि की है कि जब माँ जीवित रही होंगी तब वे 160 सेमी या 5 फुट 2 इंच लंबी होंगी और जब उनका निधन हुआ तो 20 से 25 वर्ष की होंगी।

जबकि उनकी बाहों में उपस्थित शिशु की मृत्यु के वक्त वह 50 सेमी या डेढ़ फुट लंबा और 6 महीने की आयु का होगा। हालांकि, शोधकर्ता बच्चे के लिंग को निर्धारित नहीं कर सके।

स्थल की खुदाई मई 2014 में प्रारंभ हुई और एक वर्ष की अवधि में समाप्त हो गई।

48 समूह के अवशेष जो कि खोदकर निकाले गए थे, जिनमें पांच बच्चे भी शामिल थे, केन्द्रीय ताइवान की मानव गतिविधि की प्राचीनतम खोज हैं।

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