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4 दिनों के लिए जेल से छूटे राजनाथ के करीबी नेता, हर कोई देखता रह गया काफिला

ये खबर उत्तर प्रदेश से है. यहां हत्या के मामले में जेल में बंद पूर्व भाजपा नेता और गाजीपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन अरुण सिंह चार दिन की पेरोल पर जेल से छूटे तो नजारा देख लोग दंग रह गये. भारी समर्थकों के साथ इलाहाबाद से गाजीपुर आते समय उनका काफिला देखते ही हर कोई सवाल कर बैठता कि कौन जा रहा है. दर्जनों लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ अरूण सिंह 4 दिनों के लिए अपने जिले लौटे और पूरे रास्ते उनकी आवभगत और सम्मान होता रहा.

दरअसल 14 अक्टूबर को अरूण सिंह की बेटी अमृता की शादी होनी है. इसीलिए कोर्ट ने उन्हे चार दिन की पेरोल दी है. तीन साल से जेल में बंद समर्थकों को जब इस बात की जानकारी मिली तो वो पहले से ही तैयारी करके अपने नेता को लाने के लिए नैनी जेल पहुंच गए. शुक्रवार को जब वहां से गाजीपुर लेकर रवाना हुए तो देखने वाले काफिला देखकर हैरान रह गए.

अब आपको ये भी विस्तार से बता दें कि अरुण सिंह किसकी हत्या के केस में जेल में हैं. दरअसल अरूण के बड़े भाई मनोज सिंह एक शराब कंपनी में मैनेजर के पद पर नौकरी किया करते थे. 2016 में मनोज 28 लाख रूपये लेकर बैंक में जमा करने जा रहे थे कि उन पीछे कुछ बदमाश लगे और मनोज की हत्या कर 28 लाख रूपये लूट कर फरार हो गये. इस घटना में करंडा की पूर्व ब्लाक प्रमुख रजावती देवी के पति अमरनाथ यादव का नाम आया. इसके कुछ ही दिनों के बाद अमरनाथ यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसी मामले में अरूण सिंह नैनी जेल में निरूद्द हैं.

ये भी जान लीजिए कि अरूण सिंह भाजपा के बड़े पुराने नेता और केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बेहद करीबी हैं. पार्टी के स्थापना काल से ही भाजपा को मजबूती करने का काम करते रहे हैं. दो बार विधनासभा का चुनाव भी लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली. 2014 के चुनाव में मोदी और शाह का युग शुरू हुआ तो जीपुर से टिकट मनोज सिन्हा को दे दिया गया. इस बात से नाराज होकर अरूण ने बगावत की और प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से चुनाव लड़ा. हालांकि मोदी लहर में इस नेता को हार का सामना करना पड़ा.

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