धर्म

26 मई को लगेगा 2021 का पहला चंद्र ग्रहण, इन राशियों की बढ़ेंगी समस्याएं, बचने के लिए ये उपाय करें

लखनऊ. Chandra Grahan 2021, Lunar Eclipse 2021: साल 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई, 2021 को लगने जा रहा है। इस दिन वैशाख पूर्णिमा (Baisakh Purnima) और बुद्धि पूर्णिमा (Buddha Purnima) भी है। यह एक पूर्ण चंद्रग्रहण है, जो दुनिया के कई देशों में दिखेगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भारत में यह कुछ स्थानों पर एक उपछाया चंद्रग्रहण की तरह ही दिखाई देगा। भारत में यह केवल पश्चिम बंगाल, बंगाल की खाड़ी और उत्तरपूर्व के कुछ हिस्सों से ही छाया के रूप में दिखेगा। जबकि जापान, सिंगापुर, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, बर्मा, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, फिलीपींस, प्रशांत और हिंद महासागर, आस्ट्रेलिया और उत्तरी यूरोप के कुछ क्षेत्रों में यह चंद्र ग्रहण साफ दिखेगा। हालांकि यह पूरे भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन इसका असर अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग देखा जाएगा। कोरोना के संकट के बीच चंद्र ग्रहण को लेकर लोग काफी चिंतित हैं और यूपी के कई ज्योतिषाचार्य भी इस चंद्र ग्रहण को लेकर अपनी गणनाएं और असर का आकलन कर रहे हैं।

साल का पहला चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2021, Lunar Eclipse 2021)

लखनऊ के ज्योतिषाचार्य आलोक पांडे के मुताबिक 26 मई को इस साल का पहला चंद्रग्रहण है। यह बुधवार को वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगेगा। भारत के समय के मुताबिक 26 मई, 2021 को दोपहर बाद 2 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर चंद्रग्रहण शाम 7 बजकर 19 मिनट पर खत्म होगा। पांच घंटे का यह चंद्रग्रहण भारत में कुछ स्थानों से उपच्छाया चंद्र ग्रहण के रूप में ही दिखेगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि यह चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लग रहा है। इसलिए मुख्य रूप से वृश्चिक राशि के लोगों पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव होगा। वृश्चिक राशि में चंद्रमा नीच का होता है। चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। ऐसे में ग्रहण के दौरान वृश्चिक राशि के लोगों को मानसिक तनाव, भ्रम और अज्ञात भय हो सकता है।

उपछाया से ही वापस लौटेगा चंद्रमा

ज्योतिषाचार्य आलोक पांडे ने बताया कि उपछाया चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा धरती की वास्तविक छाया में न आकर उसकी उपछाया से ही वापस लौट जाए। इस ग्रहण के दौरान चंद्रमा के आकार में कोई बदलाव नहीं आएगा। चंद्रमा की छवि कुछ धुंधली जरूर होगी और ये कुछ मटमैला सा दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि उपछाया चंद्र ग्रहण का कोई भी धार्मिक असर नहीं होगा। इसका कोई सूतक नहीं लगेगा। सूतक काल न होने से मंदिर के कपाट भी बंद नहीं होंगे।

ज्योतिषाचार्य आलोक पांडे ने बताया कि चंद्रग्रहण का बारह राशियों पर क्या प्रभाव होगा और इससे बचने के उपाय क्या होंगे

मेष राशि- संघर्ष उत्पन्न होगा, स्वास्थ समस्याएं बढ़ेंगी

वृष राशि- वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ेगा विवादों से बचें

मिथुन राशि- स्वास्थ में उतार चढ़ाव आएगा, बहस हो सकती है

कर्क राशि- पेट संबंधी समस्याएं होंगी, संतान पक्ष के साथ विवाद से बचें

सिंह राशि- पारिवारिक विवाद बढ़ेंगे, अपने व्यवहार नियंत्रण रखें

कन्या राशि- छोटे भाई बहनों से बहस हो सकती है, इससे बचें

तुला राशि- आर्थिक समस्या बढ़ेगी, सम्बन्धियों से विवाद बढ़ेंगे

वृश्चिक राशि- मानिसक और शारीरिक दोनों समस्याएं बढ़ेंगी, नकारात्मक विचारों से बचें

धनु राशि- धन हानि हो सकती है आर्थिक लेन देन में सावधानी रखें

मकर राशि- बड़े भाई बहनों से विवाद हो सकते हैं, इससे बचें

कुम्भ राशि- कार्यालय संबंधी समस्या बढ़ सकती है, अपने सीनियर्स से बहस न करें

मीन राशि- आपके काम में अड़चने बढ़ेगी, मानसिक तनाव के साथ काम पूरे होंगे

चंद्रग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय

– महामृत्युंजय मंत्र का भी रोज जाप करें

 ॐ सोम सोमाय नमः का एक माला, यानी 108 बार रोज जाप करें

 दूध, चावल, बूरा और दूसरे सफेद खाद्य पदार्थों का दान करें

 ईश्वर की आराधना में मंत्रों का जाप करें

हनुमान चालीसा का पाठ करें

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