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16-16 घंटे कोरोना मरीजों की सेवा में जुटी हैं 3 माह से गर्भवती नर्स पूनम, बोलीं-यही तो धर्म है

जयपुर.

रात कितनी भी काली हो लेकिन उम्मीदों का एक ‘दिया’ सुबह के सूरज के उगने का भरोसा दिलाती हैं। जहां आज कोरोना की लहर अपना पूरा कहर ढा रही है, वहीं मानवता और उम्मीदों के ‘दिए’ से दूसरों की जिंदगी रोशन कर रही हैं पूनम…। एसएमएस में नर्स ग्रेड सेकेंड पूनम तीन माह से गर्भवती हैं।

पूनम जानती हैं यह संकट का दौर है…खासकर उनके लिए जो सीधे कोरोना मरीजों के संपर्क में हर क्षण हैं। फिर भी मुस्कुरा कर पूनम कहती हैं… सेवा की शपथ ली है, भला वो कैसे भूल सकती हूं?

पूनम ने कहा कि, जहां तक रही मेरी और मेरे बच्चे की बात तो ऊपर वाला मेरे साथ है और मेरा भरोसा है कि जब वो साथ हो तो फिर डर कैसा?

वो बोलती हैं, पूरी सावधानी-हर पल सतर्कता और ईश्वर में आस्था को मन में लेकर अपने धर्म का…मानव सेवा वाले धर्म का पालन कर रही हूं।

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