उत्तर प्रदेशख़बर

1100 वैदिक ब्राह्मण करेंगे श्रीराम अश्वमेध महायज्ञ..ताकि हो सके अयोध्या में मंदिर निर्माण

राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए 11 साै वैदिक ब्राह्मण श्रीराम अश्वमेध महायज्ञ में जप तप पूजा पाठ करेंगे। श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण में आने वाली भौतिक बाधाओं काे दूर करने के लिए अयाेध्या में आगामी 01 दिसम्बर से विश्व स्वरूप श्रीराम अश्वमेध महायज्ञ का शुभारम्भ और 4 दिसम्बर को विशाल संत-सम्मेलन व पूर्णाहुति के साथ समापन हाेगा।

गुरुवार को कार्यक्रम आयाेजक व विश्व वेदांत संस्था के संस्थापक स्वामी आनन्द महाराज मुम्बई ने खड़ेश्वरी बाबा आश्रम वासुदेवघाट में कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने मुझे प्राेत्साहित किया है कि अयाेध्यानगरी में विश्व स्वरूप श्रीराम अश्वमेध महायज्ञ कराया जाए। उसी के सापेक्ष मैं मुम्बई से यहां आया हूं। मेरा मुम्बई के जुहू में एक आश्रम है जिसका नाम सन्यास आश्रम है।

4 दिसम्बर काे पूर्णाहुति और संताें के विशाल सम्मेलन

उन्होंने कहाकि 1 दिसम्बर से मेरे द्वारा हनुमान गुफा, रामघाट हाल्ट पर चार दिवसीय अश्वमेध महायज्ञ का आयाेजन किया जा रहा है। जिसमें पूरे देश से भक्तगण सम्मिलित हाे रहे हैं। भक्ताें के रहने के लिए यहां की धर्मशालाआें में प्रबंध करा दिया गया है। 11 साै विद्वान वैदिक ब्राह्मण इस महायज्ञ में मन्त्राेच्चार और पाठ करेंगे। अश्वमेध महायज्ञ का समापन 4 दिसम्बर काे पूर्णाहुति और संताें के विशाल सम्मेलन के साथ हाेगा।

स्वामी आनन्द ने कहाकि इस कलयुग में अश्वमेध महायज्ञ में घाेड़ा छाेड़ने की काेई जरूरत नहीं है। लेकिन वेदमंत्राें के द्वारा बेधर्मी, सेक्युलरवादी हिन्दू और जाे सनातन धर्म परमात्मा में विश्वास नहीं करते, उनका समूल नष्ट करने के लिए सिर्फ मन्त्र ही काम करेगा। इसलिए मैं अयाेध्या में विश्व स्वरूप श्रीराम अश्वमेध महायज्ञ कर रहा हूं। अयोध्या में इस समारोह के सूत्रों में श्रीराम वैदेही खड़ेश्वरी मन्दिर के महन्त रामप्रकाश दास, स्वामी दिलीप दास त्यागी, डॉ. देवेशाचार्य आदि है।

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