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हड़बड़ी में बड़ी गड़बड़ी : रिटायर्ड फौजी को पहली डोज लगी ‘कोविशील्ड’, दूसरी डोज लगा दी ‘कोवैक्सीन’

जयपुर में कोरोना वैक्सीनेशन के मामले में एक बड़ी चूक सामने आई है। सेना से रिटायर हुए एक फौजी को कोरोना वैक्सीन की दो अलग-अलग कंपनी की डोज लगा दी गई। उपस्वस्थ्य केन्द्र मानसरोवर में हुए इस मामले के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, जयपुर के सचिवालय विहार मानसरोवर निवासी राज कुमार सक्सेना ने 22 मार्च को मालवीय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में कोरोना की वैक्सीन (कोविशील्ड) की डोज लगवाई थी। गुरुवार को एक माह बाद वह दोबारा वैक्सीन की डोज लगवाने स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे। इस बार वे निजी अस्पताल के बजाए घर के नजदीक सरकारी उप स्वास्थ्य केन्द्र गए। मानसरोवर रीको एरिया के पास स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रवेश के समय ही उन्होंने साफ-साफ कहा था- कोविशील्ड की सेकंड डोज लगवाने आया हूं। इसके बावजूद गड़बड़ी हो गई। पहले रजिस्ट्रेशन किया गया। उसके बाद नर्स ने भी सभी जानकारी को नजरअंदाज करते हुए कोवैक्सीन की डोज लगा दी।

राजकुमार सक्सेना

होश उड़ गए

राजकुमार सक्सेना की नजर जब वॉयल (शीशी) पर पड़ी तो होश उड़ गए। उन्होंने वहां वैक्सीन लगाने वाली नर्स से पूछा आपने कोविशील्ड की जगह कोवैक्सीन क्यों लगा दी? इतना सुनते ही पूरे स्टाफ में हड़कंप मच गया। राजकुमार सक्सेना ने बताया- मैंने वैक्सीन लगवाने से पहले नर्स से पूछा कि कोविशिल्ड की दूसरी डोज भी बाएं हाथ पर ही लगेगी, तो वह बोली हां। इसके बाद भी नर्स ने बात को ध्यान से नहीं सुना और जल्दबादी में वैक्सीन लगा दी। उन्होंने कहा कि अगर मेरी जगह और कोई हो तो वह दहशत से ही मर जाता।

कोई प्रभाव नहीं

राजस्थान में टीकाकरण के निदेशक डॉ. रघुराज सिंह का कहना है कि यह गड़बड़ी नये रजिस्ट्रेशन के कारण हुई है। उप स्वास्थ्य केन्द्र पर नया रजिस्ट्रेशन होने के कारण गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई। हालांकि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने से शरीर पर इसके कोई गंभीर परिणाम नहीं आएंगे। वे अब दोबारा 28 दिन बाद कोवैक्सीन की दूसरी डोज लगवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित लिखित में कोई शिकायत देता है तो इस पर विभागीय स्तर पर एक्शन लिया जाएगा, ताकि आगे के लिए वैक्सीनेशन करने वाले सतर्क रहें।
अलग-अलग सेंटर पर लगती है अलग-अलग डोज
गफलत के पीछे एक कारण अलग-अलग सेंटर्स पर अलग-अलग कंपनी की डोज लगना है। जयपुर सहित प्रदेश में कई सेंटर ऐसे है, जहां शुरू से कोवैक्सीन और कोविशील्ड वैक्सीन लगती आ रही है। ऐसे में सेंटर पर वैक्सीनेशन का काम करने वाले लोगों को इसका खास ध्यान रखना चाहिए और वो भी तब जब व्यक्ति दूसरी डोज लगवाने पहुंचा हो। इस मामले में राज कुमार सक्सेना ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग डॉक्टर्स से सलाह ली है। सभी डॉक्टर्स ने यही कहा कि वैक्सीन अगर दूसरी कंपनी की लग गई तो कोई खास बात नहीं है, अगली डोज अब वापस उसी कंपनी (कोवैक्सीन) की दोबारा लगवाने की सलाह दी है।

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