धर्म

हिन्दू धर्म में औरतों का नारियल फोड़ना मना, ये है इसकी वजह

इंसान किसी भी मुसीबत या किसी भी दुविधा में होता है तब वो हमेशा भगवान् को याद करता है और भगवान से प्रार्थना करता है की हे भगवान् आप उसको इस मुसीबत से निकाल दे या कोई रास्ता दिखाए जिससे हमारी मुसीबत कम हो जाए। लोगो का इसमें पूरा विश्वास है की प्रार्थना करने से उनकी समस्या ठीक हो जाती है।  इन सब के बीच आज हम आपको कुछ ऐसी बाते बताने जा  रहे जिन्हें जानकर आपको भी हैरानी होगी। क्या आपको पता है  हमारे हिन्दू धर्म में महिलाएं फोड़ती नारियाल।

Image result for जानिए हिन्दू धर्म में महिलाएं क्यों नहीं फोड़ती नारियल ?

बिना नारियल के पूजा को अधूरा माना जाता है। नारियल से शारीरिक दुर्बलता भी दूर होती है। लेकिन स्त्रियों को पूजा से संबधित कार्यो में कभी भी नारियल नहीं फोड़ना चाहिए। पूजा के कार्य में नारियल का अपना महत्‍वपूर्ण स्‍थान है। किसी भी देवी देवता की पूजा नारियल के बिना अधूरी मानी जाती है। यदि भगवान को नारियल चढ़ाया जाए तो, धन संबंधी समस्‍याएं दूर हो जाती हैं।

आपने अक्‍सर मंदिरों में देखा होगा कि नारियल को या तो पंडित जी या फिर कोई पुरुष ही फोड़ता है। महिलाओं को नारियल फोड़ने का अधिकार हिंदू धर्म में नहीं है।

नारियल को श्रीफल के नाम से भी जाना  जाता है भगवान विष्णु जब पृथ्वी में प्रकट हुए तब स्वर्ग से वे अपने साथ तीन विशेष भी लाए। जिनमें पहली  थीं माता लक्ष्मी, दूसरी वे अपने साथ कामधेनु गाय लाए थे तथा तीसरी व आखरी चीज थी नारियल का वृक्ष।

क्योंकि यह भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी का फल है यही कारण है कि इसे श्रीफल के नाम से

जाना जाता है। इसमें त्रिदेवो ब्रह्मा, विष्णु तथा महेश का वास होता है।

महादेव शिव को श्रीफल अर्थात नारियल अत्यन्त प्रिय है तथा श्रीफल में स्थित तीन नेत्र भगवान शिव के त्रिनेत्रों को प्रदर्शित करते है। देवी देवताओं को श्री फल चढ़ाने से धन संबंधित समस्याओं का समाधान होता  है।

हमारे हिन्दू सनातन धर्म के हर पूजा में श्रीफल अर्थात नारियल का महत्वपूर्ण योगदान है, चाहे वह धर्म से संबंधित वैदिक कार्य हो या देविक कार्य कोई भी कार्य नारियल के बलिदान के बिना अधूरी मानी जाती है।

Image result for तो इस लिए नहीं फोड़ती है महिलाएं नारियल

परन्तु यह भी एक खास तथ्य है कि स्त्रियों द्वारा नारियल को नहीं फोड़ा जा सकता क्योंकि श्रीफल अर्थात नारियल एक बीज फल है जो उत्पादन या प्रजनन का कारक है। श्रीफल प्रजनन क्षमता से जोड़ा गया है।

स्त्रियां बीज रूप में ही शिशु को जन्म देती है यही कारण है कि स्त्रियों को बीज रूपी नारियल को नहीं फोड़ना चाहिए।

ऐसा करना शास्त्रों में अशुभ माना गया है। देवी देवताओं  की पूजा साधना आदि के बाद केवल पुरुषों द्वारा ही नारियल को फोड़ा जा सकता है।

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