जिंदगी

हर लड़की की यही ख्वाहिश- लड़का करे रिलेशनशिप की शुरुआत, क्यों?

जमाना बहुत तेज़ी से बदल रहा है. फिर भी क्यों हम पुरानी मान्यताओं को अब भी थामे हुए हैं? जैसे किसी रिश्ते की पहल पुरुष ही करते हैं, ऐसा क्यों? हम अपने विचारों में तो बहुत आगे निकल गए हैं लेकिन कई मामलों में अब भी बहुत पीछे हैं. लड़कियों का लड़कों से रिश्ते की शुरूआत करने की उम्मीद करने के पीछे कई कारण हैं. लेकिन आखिर ऐसा क्यों है? उन कारण तक पहुंचने से पहले आप खुद से पूछिए कि आपने कभी खुद से पहल की है. चलिए आज जानते हैं कि किस वजह से कोई महिला आगे बढ़कर रिश्ते की शुरूआत करने के लिए पहल क्यों नहीं करती है.महिलाओं का सबसे बड़ा डर है रिजेक्शन.

आमतौर पर महिलाएं ये सोचती हैं कि “क्या होगा अगर वो मुझे सीधे मना कर देगा या फिर वो ये कहे कि उसे मुझ में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं उस स्थिति का सामना कैसे कर पाऊँगी?लोगों को पता चलेगा तो वो मेरे बारे में क्या सोचेंगे?”इसी तरह के ढेरों सवाल हैं जो उनके दिमाग में दौड़ जाते हैं. इसी डर की वजह से वो जिसे पसंद करती है उसे डेट पर चलने के लिए भी नहीं पूछ पाती है और खुद को रोक लेती है.

महिलाओं का सबसे बड़ा डर है रिजेक्शन. आमतौर पर महिलाएं ये सोचती हैं कि “क्या होगा अगर वो मुझे सीधे मना कर देगा या फिर वो ये कहे कि उसे मुझ में कोई दिलचस्पी नहीं है. मैं उस स्थिति का सामना कैसे कर पाऊँगी? लोगों को पता चलेगा तो वो मेरे बारे में क्या सोचेंगे?” इसी तरह के ढेरों सवाल हैं जो उनके दिमाग में दौड़ जाते हैं. इसी डर की वजह से वो जिसे पसंद करती है उसे डेट पर चलने के लिए भी नहीं पूछ पाती है और खुद को रोक लेती है. लड़कियां अगर मगर के कई सवालों से खुद को उलझा लेती हैं.

उस शख्स के किसी और के साथ पहले से ही रिलेशनशिप में होने का ख्याल उनके बढ़ते कदमों को रोक लेता है और वो उन्हें रिश्ते की शुरुआत के बारे में पूछ ही नहीं पाती हैं. महिलाएं कुछ भी करने से पहले उससे जुड़े रिस्क के बारे में भी हिसाब लगा लेती हैं और यही काम वो किसी पुरुष को अप्रोच करने से पहले भी करती है.

अगर वो ये देखती है कि वो व्यक्ति उससे हर मामले में बेहतर है तो वो खुद पीछे हट जाती है. उनकी यही सोच उन्हें अपनी मन की बात कहने से रोक देती है. मौजूदा समय में किसी के पास भी इतना समय नहीं है कि वो अधूरी पर्सनालिटी वाले किसी व्यक्ति से डील करे. ऐसे व्यक्तियों से बात करने में लोग ज़्यादा दिलचस्पी नहीं लेते हैं. महिलाओं के मन में भी ये डर रहता है

इसलिए कई बार वो सिर्फ व्यक्ति के बाहरी आकर्षण से प्रभावित होने के बावजूद उन्हें अप्रोच नहीं करती है. उनके मन ये सवाल दौड़ता रहता है की अगर उसका लुक उसकी पर्सनालिटी से बिल्कुल अलग हुआ तो वो क्या करेगी. महिलाएं किसी शख्स को देखकर उस से प्रभावित होती हैं लेकिन फिर भी खुद को रोक लेती हैं. वो पहले से मेरे बारे में जानता होगा, बस यही ख्याल लड़कियों को रोक देता है. महिलाएं नकारात्मक होकर सोचने लगती हैं और वो अपने गुज़रे कल के डर में जीती हैं.

ज़्यादातर ऐसी स्थिति तब देखने को मिलती है जब वो व्यक्ति आपके ही ऑफिस, कॉलेज या ऐसी ही किसी कॉमन जगह का हो. वो उस शख्स को कई बार देखती है और उनके पास जाकर बात करने के बारे में भी सोचती हैं. लेकिन पहले से कोई जानकारी उसे पता होगी, इस डर से वो खुद को रोक लेती है.

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