उत्तर प्रदेश

हरदोई: घर चलाने के लिए रिक्शा चालक बनी 60 साल की बुजुर्ग महिला, बीमार पति की कर रही देखभाल

हरदोई की सड़कों पर कल रात एक ऐसा नजारा दिखा जिसको कैमरे में कैद करने का मकसद सिर्फ यही था कि पुरुष प्रधान देश में किस तरह एक 70 वर्षीय बूढ़ी महिला अपना पेट पालने के लिए रिक्शा चला रही है। जिसकी और न किसी समाज सेवी संगठन का ध्यान जा रहा है और ना ही सरकारी नुमाइंदे का, जो उसके लिए दो वक्त की रोटी कपड़ा मुहैया करा सके। उसके रिक्शे पर लदा जो सामान है, उसमें पुरानी पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतलें, गत्ता व अन्य कबाड़ है, जिनको दिनभर वह बीनती है, रात को घर ले जाती है और सुबह बेचकर अपना व अपने बीमार पति भरण पोषण करती है।

इस समाज पर जिसको पुरुष प्रधान समाज कहा जाता है उनके मुंह पर एक जोरदार तमाचा है यह वीडियो, एक ऐसी महिला जिसके घर में बीमार पति है, लड़के भी नहीं हैं, दो लड़कियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है, घर मे पति तो है, लेकिन बीमार है। ऐसे में अपना पेट पालना इसके लिए एक बड़े ही जीवट का काम है, बिना किसी से मदद मांगे वो कबाड़ बीनती है,

जिसे बेचकर अपना जीवन यापन करती है। ऐसी तस्वीरें आत्मनिर्भर भारत की जरूर हो सकतीं हैं, लेकिन कभी-कभी मन विचलित होता है कि ऐसी बुजुर्ग महिला जिसकी उम्र 70 साल है, इसकी मदद के लिए कोई भी समाज सेवी संगठन या सरकारी नुमाइंदे आगे क्यों नहीं आते।

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