उत्तर प्रदेश

हजारों मुसलमानों को दूसरी बार मायूस किया कोरोना, अधूरी रह गई सबसे बड़ी ख्वाहिश

मेरठ। कोरोना संक्रमण (coronavirus) के चलते इस बार भी हज यात्रा 2021 निरस्त हो गई है। इससे हज पर जाने वाले जायरीनों को मायूसी हुई है। दरअसल, मुस्लिम धर्म में हज (haj yatra) पर जाने वाला अपने को भाग्यशाली मानता है। मुस्लिम समुदाय के हर व्यक्ति की ख्वाहिश हज पर जाने की होती है। लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार भी सऊदी सरकार ने बाहरी लोगों को हज यात्रा की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में जिले के सैकड़ों लोगों को मायूस होना पड़ा है।

दो किश्त में जमा हुई थी फीस

2020 में हज यात्रा पर कोरोना ग्रहण के बाद इस बार माना जा रहा था कि हज यात्रा होगी। जिन लोगों ने 2020 में हज पर जाने के लिए पंजीयन कराया था उनको इस बार हज यात्रा जाने के लिए प्राथमिकता दी गई थी। ऐसे में लोगों ने उत्साह के साथ काफी पहले से तैयारियां शुरू कर दी थी। हजयात्रा के लिए आवेदन करने वाले जायरीनों ने हज यात्रा की फीस जमा की थी। इसमें 80 फीसदी ऐसे जायरीन थे। जिन्होंने 81 हजार की पहली और 1,20,000 हजार की दूसरी किस्त भी भर दी थी। अब जबकि हज यात्रा निरस्त हो गई है तो ऐसे में जायरीनों को अपनी जमा की गई फीस की वापसी का इंतजार है।

सूत्रों के अनुसार हज कमेटी की ओर से सभी जायरीनों को बता दिया गया है कि कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार हज यात्रा निरस्त की गई है। ऐसे में हज यात्रा के लिए जमा हुई फीस जायरीनों के दिए गए खाते में सीधे आरटीजीएस कर दी जाएगी। इसके लिए अलग से कोई फार्म नहीं भरना पड़ेगा। पासपोर्ट वापसी के लिए राज्य हज कमेटी लखनऊ की ओर से सभी आवेदन करने वाले जायरीनों को सूचना दी जाएगी।

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