राजनीति

सिद्धू ने प्रदेश के दो दिन के प्रचार में 2 नेताओं को बताया सीएम पद का उम्मीदवार

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 15 साल से सत्ता के वनवास को खत्म करने के लिए जद्दोजहद कर रही है. ऐसे में पार्टी ने अपने स्टार प्रचारक और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को चुनाव प्रचार के मैदान में उतारा तो उन्होंने दो दिन में दो कांग्रेसी नेताओं को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता दिया. हालांकि पार्टी ने किसी भी नेता को सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट नहीं किया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन रविवार को नवजोत सिंह सिद्धू बिकापुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव को इशारों में भावी सीएम पद बताया. सिद्धू ने शायराना अंदाज में कहा, ‘बाजार में टू-इन-वन मिलता है, यहां के प्रत्याशी ऑल-इन-वन हैं.’

उन्होंने कहा कि हो सकता है 15 दिन के बाद इनकी गाड़ी पर बड़ी सी बत्ती लग जाए और सड़कों पर सायरन सुनाई दे. सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस का जन घोषणापत्र तैयार करने में सिंहदेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उन पर काफी भरोसा करते हैं. ऐसे में सरकार बनने के बाद इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी.

सिद्धू ने टीएस सिंहदेव से पहले सक्ती विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. चरणदास मंहत को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया था.

बता दें कि शुक्रवार को सक्ती विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी डा. चरणदास महंत का प्रचार करने पहुंचे सिद्धू ने जनता से कहा था, ‘आपका विधायक मुख्यमंत्री बन सकता है. इस कारण कांग्रेस को वोट दें.’

सिद्धू ने कहा कि सक्ति को जिला बनाने के नाम पर बीजेपी ने बाबा जी का ठुल्लू दिया है. हमारी सरकार आई तो इसे जिला बनाएंगे. किसानों का कर्ज माफ और बिजली बिल आधा करेंगे. इसके लिए मतदाता को बीजेपी सरकार की गेंद को प्रदेश की सीमा रेखा से बाहर फेंकना होगा. उन्होंने यह तक कह दिया कि यहां से जो प्रत्याशी खड़ा है, वह जीतकर मुख्यमंत्री बन सकता है.  

सिद्धू का बयान एक तरह से छत्तीसगढ़ के स्थिर पानी में कंकड़ मारने का काम कर सकता है. पिछले दो-ढाई महीने में कई तरह से राजनीतिक समीकरण बने और बिगड़े हैं. चार-पांच महीने पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदार नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा सी मच गई थी.

पार्टी के भीतर मची इस स्पर्धा के बाद राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया था और सबसे दो टूक कहा था कि कोई भी खुद को मुख्यमंत्री का दावेदार होने की बात नहीं कहेगा. ऐसे में सिद्धू का बयान सीएम पद के दावेदारों को अखर रहा है, लेकिन वो मतदान से पहले कोई बयान देकर विवाद देने से बच रहे हैं.

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