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संस्कारी बाबू जी का खुला एक और कांड, एक्ट्रेस से बोले थे- मैं तुम्हें चाहता हूं और तुम सिर्फ मेरी हो

बॉलीवुड और टीवी के सबसे लोकप्रिय बाबू जी आलोक नाथ के ऊपर एक के बाद एक रोज़ नए आरोप लग रहे हैं. राइटर विनता नंदा के बाद दो और लोगों ने भी अलोक नाथ पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन पर आरोप लगाने वाली दूसरी शिकायत करता हैं फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की क्रू मेंबर, जिन्होंने बताया है की कैसे अलोक नाथ ने उनके सामने अपने कपडे खोलकर उनके सात भी सेक्सुअल हैरेसमेंट किया था. इनके इलावा टीवी की मशहूर अदाकारा संध्या मृदल ने भी आलोक नाथ पर उनके साथ यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए एक लम्बा चौड़ा पोस्ट लिखा है. एक्ट्रेस ने बताया है कि, कैसे आलोक ने उनके साथ उनके करियर के शुरुआती वक्त में ही गलत व्यवहार किया था.

अपने पोस्ट में एक्ट्रेस संध्या मृदल ने लिखा है ,

https://twitter.com/sandymridul/status/1049905872439263234

“जब इंडस्ट्री में मेरे करियर की शुरूआत हुई थी उस वक्त मैं एक टेलीफिल्म कोड़ाईकनल की शूटिंग कर रही थी. कोड़ाईकनल नाम की इस टेलीफिल्म में मैं लीड एक्ट्रेस थी और आलोक नाथ मेरे पिता के किरदार में थे. स्वर्गीय एक्ट्रेस रीमा लागो मेरी मां के किरदार में थीं. आलोक नाथ मुझसे काफी प्रभावित थे और कहते थे ही मैं भगवान का बच्चा हूं और मेरे लिए हर रोज दुआ करते थे. मैं सातवें आसमान पर थी और मैं बाबूजी की बहुत बड़ी फैन हो गई थी. मैं उनके साथ बहुत ही खुश और आत्मविश्वासी हो गई थी.”

आगे उन्होंने बताया है कि, “एक रात जब काफी देर हो गई थी शूट का पैकअप करने में पूरी कास्ट डिनर के लिए बाहर गई. डिनर के वक्त आलोक नाथ ने शराब ज्यादा पी ली थी. मैं उनके पास बैठी हुई थी मुझे हल्का-सा जो याद है उन्होंने मुझे नर्वस और असहज महसूस कराया था. मेरे को-स्टार को ये बात समझ आ गई थी और वो मुझे बाहर लेकर चले गए. हम होटल वापस बिना खाना खाए ही आ गए थे और काफी देर हो चुकी थी मैं अपने कमरे में आ गई थी. इसके बाद वहां पर कॉस्ट्यूम दादा आए उन्होंने अगले दिन के शूट के लिए मुझे कपड़े दिए और चले गए. उनके जाने के कुछ देर बाद मेरे दरवाजे पर फिर से दस्तक हुई और मैंने दरवाजा खोला तो वहां आलोक नाथ खड़े थे. मैंने दरवाजा बंद करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने धक्का दे दिया. फिर मैं भागकर बाथरुम में गई और दरवाजा बंद कर लिया. आलोकनाथ बाहर से ही चिल्ला रहे थे कि मैं तुम्हें चाहता हूं और तुम सिर्फ मेरी हो.”

,”आलोक नाथ बाथरुम में आने की कोशिश कर रहे थे और मैं तुरंत भागकर लॉबी की तरफ चली गई थी. सौभाग्यवश मेरा डीओपी रिसेप्शन से कोई कॉल कर रहा था. आलोक नाथ मेेरे कमरे में वापस आया था जो कि बेहद बुरा था क्योंकि आलोक नाथ मेरे कमरे से बाहर जाने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे थे और चिल्लाकर मुझे पकड़ने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, वो मुझ पकड़ पाने में नाकामयाब रहे थे और फिर हेयरड्रेसर को मेरे कमरे में सुलाया गया था मैं अंदर तक हिल गई थी.”

आज भी जब मैं उन सब बातों को सोंचती हूँ तो मुझे घीन आती है. मैंने ये कभी नहीं सोंचा था कि एक सीनियर एक्टर का एक चेहरा ऐसा भी हो सकता है.

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