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संजय दत्त ने जेल में 440 नहीं बल्कि कमाए थे इतने रुपये, जानकर दंग रह जाएंगे

संजय दत्त के जीवन पर बनी फिल्म “संजू” आप सभी ने देखी होगी, जिसमे उनके जीवन के बहुत से पहलुओं के बारे में बताया गया है. इसके अलावा संजय दत्त के बारे में ये बात भी काफी मशहूर हुई थी की उन्होनें जेल में कुल 440 रूपये कमाएं थे , लेकिन आपको बता दें की असल में संजय दत्त ने 38 हजार रूपये कमाएं थे. अब सवाल ये उठता है की आख़िरकार संजय दत्त फिर घर 440 रूपये लेकर ही क्यूँ गये. आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं की आखिरकार संजय दत्त ने जेल में कमायें अपने 38 हजार रुपयों का आखिर क्या किया.

संजय दत्त की जिंदगी काफी उतार चढ़ाव वाली रही है, फिल्मों में “रॉकी” से अपने करियर की शुरुवात करने वाले संजय दत्त ने अपनी आधी जिन्दगी इसी उहापोह में बिताई है की कब उन्हें पूरी तरह से उनकी गलतियों की सजा से मुक्त किया जाएगा. बता दें की संजय दत्त को मुंबई में 1993 में हुए बम ब्लास्ट में अपने घर पे हथियार रखने के आरोप में टाडा कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी इसके बाद संजय 1995 में जेल से रिहा हुए थे लेकिन इसके बाद भी उन्हें दो महीनों के बाद ही फिर से गिरफ्तार कर लिया गया. इस दौरान संजय दत्त का जेल में आना जाना लगा ही रहा लेकिन इसके बाद 2003 में उन्हें टाडा कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई जिस दौरान जेल में रहने के बाद संजय दत्त के अंतरात्मा में काफी बदलाव आया.

आपको बता दें की संजय दत्त ने अपने दिए एक इंटरव्यू के दौरान बताया था की जेल में उन्होनें रामायण, महाभारत से लेकर कई सारे धार्मिक ग्रंथों का भी पाठ किया और इससे उनके जीवन में काफी सारे बदलाव भी. संजय अब उस तरह से अपना जन्मदिन नहीं सेलिब्रेट करते हैं जिस तरह से की वो पहले किया करते थे. उनका मानना है की जन्मदिन के दिन हर किसी को ये दिन काफी सादे तरीके से मानना चहिये, इसके अलावा संजय ने भी कहा की जेल में बीताया उनका सारा वक्त काफी से भावनाओं के उथल पुथल से भरा था.

बता दें की संजय दत्त को जेल में काम करने के लिए रोज के 50 रूपये मिलते थे और इसी तरह जम होकर उनके पास करीबन 38 हजार रूपये होगये थे जिन्हें वो अपने रोज मर्रा के खर्चों पर खर्च करते थे. इसलिए संजय दत्त जब जेल से रिहा हुए तो उनके पास 38 हजार में से सिर्फ 440 रुपया ही बचा जिसे उन्होनें अपनी बीवी मान्यता के हाथों में सौंपा था. इसके आलवा संजय दत्त ने एक और बात कही थी जब उन्हें जेल हुई थी तो कई बार उनकी पत्नी मान्यता ने उनसे कहा था की बच्चे उनसे मिलना चाहते हैं और अगली बार वो उन्हें जेल लेकर आएँगी मिलवाने के लिए.

लेकिन संजय दत्त ने मान्यता को बच्चों को जेल में लाने से साफ़ मना कर दिया था. बता दें की संजय दत्त ने ऐसा इसलिए किया क्यूंकि वो नहीं चाहते थे की कभी भी उनकी जिन्दगी में उनके बच्चे जेल की देहलीज भी पार करें और उन्हें जेल के कपड़ों में देखें. बहरहाल अब संजय दत्त एक आजाद इंसान हैं और फिलहाल वो अपनी पर्सनल लाइफ को काफी एन्जॉय कर रहे हैं साथ ही संजय दत्त की बहुत सी फिल्में भी एक बार फिर से रिलीज़ को तैयार है. कहना गलत नहीं होगा की संजय दत्त की जिंदगी में उनके बुरे दिन ख़त्म हो चुके हैं और अब उनके खुशियों भरे दिन की शुरुवात हो चुकी है.

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