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‘शोले’ की इन 5 गलतियों को पकड़ना बेहद आसान, क्या आपने की नोटिस?

बहुत ही कम ऐसे लोग होंगे जिन्हें फिल्म शोले नहीं पसंद होगी। जय-वीरु की गहरी दोस्ती और गब्बर ठाकुर की कट्टर दुश्मनी इस फिल्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। परंतु बहुत कम लोगों को पता होगा कि इतनी बड़ी फिल्म में भी दूसरी फिल्मों की तरह कई सारी गलतियां रह गई। आज हम आपको उस गलतियों को बताएंगे।

गलती 1

रामगढ़ में बिजली नहीं थी, इसलिए तो ठाकुर की बहू पूरे घर में लालटेन जलाती हुई दिखती है। परंतु आश्चर्यजनक बात है कि अगर गांव में बिजली ही नहीं है तो पानी की जिस टंकी पर वीरु चढ़ा था उसमें ऊपर पानी कैसे पहुंचाते होंगे? इतना ही नहीं ठाकुर के घर के आगे इलेक्ट्रिक लैंप क्या कर रहा था?

गलती 2

फिल्म में दिखाते हैं कि गब्बर ठाकुर के दोनों हाथों को काट देता है। परंतु अंत में जब ठाकुर गब्बर को मारता है। तब उसके सफेद कलर के कुर्ते से कुछ समय के लिए ठाकुर के आज साफ दिखाई देते होते हैं। मतलब की फिल्म की एडिटिंग में खामियां थीं। फिर भी इस फिल्म को बेस्ट एडिटिंग के लिए नेशनल अवार्ड दिया गया था।

गलती 3

फिल्म में गब्बर को अपने ही ३ डाकुओं को गोली मारते हुए दिखाया गया है। वह तीनों डाकू गब्बर के सामने मुंह करके खड़े होते हैं। परंतु जैसे ही गब्बर सामने से गोली मारता है तो डाकुओं की गर्दन और पीठ पर निशान बन जाते हैं।

गलती 4

डाकुओं से बचने के लिए बसंती लकड़ी के पुल को तोड़ देती है। तो डाकु को दूसरे रास्ते से जाते हैं। वीरू को भी यह पुल टूटा हुआ मिलता है। परंतु जब जय वीरू अंत में बसंती को बचा कर वापस आते हैं तब यह पुल फिर से जुड़ा हुआ मिलता है। आखिर इतने समय में पुल ठीक कैसे हो गया?

गलती 5

ऊपर की तस्वीर में पहले सीन में वीरु का टीशर्ट पसीने से भीगा हुआ दिखता है। परंतु अगले ही सीन में उसके टीशर्ट के पसीने के धब्बे मिट जाते हैं। आखिर इतनी जल्दी वीरु का पसीना सुख कैसे गया?

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