खेलजरा हट के

शूटर दादी ने पोती के साथ इस गाने पर किया डांस, इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया वीडियो

शूटर दादी के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गांव जोहड़ी की दादी प्रकाशी तोमर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पसंद किया जा रहा है। वीडियो में दादी प्रकाशी तोमर (84) बॉलीवुड सिंगर बादशाह के रैप सांग पर झूम रही हैं। इंस्टग्राम पर डांस का वीडियो पोस्ट करते हुए दादी ने लिखा है कि बच्चों के साथ थोड़ी मस्ती की जाए। यह वीडियो बावला सांग पर बना है।

ग्रीन घाघरा, बुशर्ट पहनकर झूम रही हैं दादी

दादी प्रकाशी तोमर इस वीडियो में ग्रीन घाघरा और गुलाबी बुशर्ट पहनकर पोती के साथ झूम रही हैं। डांस करते समय दादी -पोती हूबहू डांसिंग स्टेप कर रही हैं। पोती को फॉलो कर रही हैं। पोती भी दादी के साथ डांस को पूरा एंज्वाय कर रही हैं। वीडियो में अपने फैंस के लिए दादी ने संदेश दिया है मैं भी झूमी आप भी झूमो।

इंस्टाग्राम अकाअंट पर दादी प्रकाशी तोमर का यह वीडियो काफी पसंद किया जा रहा है। इसे https://www.instagram.com/reel/CTochZfj32s/?utm_medium=share_sheet पर देख सकते हैं।

भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू ने किया लाइक
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर की मां सुमित्रा पेडनेकर भी दादी के इंस्टाग्राम से जुड़ी हैं। दादी की वीडियो पर कमेंट, लाइक करती हैं। दादी की एक और डांसिंग वीडियो पर सुमित्रा पेडनेकर ने कमेंट कर लिखा, वाह दादी।

2019 में तुषार हीरनंदानी ने शूटर दादी के जीवन पर बॉलीवुड फिल्म बनाई थी। ‘सांड की आंख’ नामक इस मूवी में तापसी पन्नू ने दादी प्रकाशी तोमर और भूमि पेडनेकर ने दादी चंद्रो तोमर का किरदार निभाया था।

60 साल की उम्र में सीखी निशानेबाजी
निशानेबाजी की मास्टर शूटर दादी प्रकाशी तोमर और उनकी जेठानी स्व. चंद्रो तोमर दोनों ने 60 साल की उम्र में निशानेबाजी सीखी। हाल ही कोरोना काल में दादी चंद्रो तोमर का निधन हो गया। जेठानी के गुजरने के बाद प्रकाशी तोमर काफी अकेलापन महसूस करती हैं।

प्रकाशी तोमर बताती हैं जब उन्होंने शूटिंग रेंज में जाना शुरू किया तो उनका मजाक उड़ा, ताने भी मिले। मगर वो जिद पर डटी रहीं। आज दादी स्वयं बड़ी निशानेबाज हैं। दादी की बेटी सीमा तोमर अंतराष्ट्रीय शूटर है। सन 2000 में दादी ने पहली बार दादी ने निशाना लगाया।

बेटी की इच्छा पूरी करने खुद थामी राइफल

दादी प्रकाशी की बेटी सीमा को निशानेबाजी का शौक था, परिवार में मर्दों को निशाना लागते देखती तो सोचा कि वो भी शूटर बनेगी। लेकिन लड़कियों को बंदूक चलाने की इजाजत नहीं थी। तब बेटी की चाहत पूरी करने के लिए दादी ने खुद शूटिंग सीखना शुरू किया। जौहरी राइफल क्लब में एडमिशन लिया और बेटी के साथ एकेडमी में जाकर बेटी का हौसला बढ़ाया खुद भी निशानेबाजी सीखी। आज रिवाल्वर दादी के नाम से मशहूर हैं।

पूर्व राष्ट्रपति ने भी सराहा हुनर

बागपत की दोनों शूटर दादियों को पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात करने अवसर मिला है। प्रणव मुखर्जी ने दादी के हुनर को सराहा। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा इन्हें ‘आइकन लेडी’ पुरस्कार मिला है। वर्ष 2016 में इन्हें देश की 100 वीमेन अचीवर्स में शामिल किया गया। आमिर खान के शो सत्यमेव जयते और कलर्स टीवी के चर्चित शो इंडियाज गॉट टैलेंट में भी शामिल हो चुकी हैं। गूगल इंडिया के वीमेन विल प्रोग्राम में मुंबई बुलाकर भी इन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

जे तो कारगिल युद्ध जीतकर आएगी
दादी कहती हैं घरवालों से छिपकर शूटिंग सीखती थी क्योंकि बंदूक चलाने का हक बस मर्दों को था। खेतों में ही हम देवरानी, जेठानी निशाना साधते रहते। कुछ मर्दों ने एक बार हमें निशाना लगाते देख लिया तो सब कहते जे तो कारगिल युद्ध जीतकर आएगी। फौज में जाएगी इस तरह हमें ताने देते।

Back to top button