सेहत

शिलाजीत: आख़िर कैसे बनती है हमेशा डिमांड में रहने वाली ये ‘चीज़’ ?

शिलाजीत’ वो शब्द है, जिसे अमूमन हर किसी ने सुना है. ज़्यादातर लोग इसे दवाई के रूप में जानते हैं. पुरुषों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के दावे के साथ ही इसका उपयोग और प्रचार बढ़ा. लेकिन, इससे ज़्यादा कम ही लोग इसके बारे में जानते हैं. इसे अंग्रेजी में Mumijo कहा जाता है और इसका हिंदी नाम शिलाजीत, संस्कृत के शिला यानी चट्टान से निकला है, और जीत ‘जातु’ यानि गोंद. शिलाजीत यानि पहाड़ का गोंद.

शिलाजीत आखिर चीज़ क्या है?

शिलाजीत देखने में गाढ़े भूरे रंग की एक दुर्लभ चीज़ है. यह मुख्यत:  हिमालय, तिब्बत और गिलगिट क्षेत्र में मौजूद कुछ खास चट्टानों में पाई जाती है. यह सालों तक विभिन्न पहाड़ों की गुफाओं में मौजूद धातुओं और पौधों के घटकों से मिलकर तैयार होती है. लेकिन यह इतनी आसानी से नहीं मिलता, इसे ढूंढने में कई दिन लग जाते हैं. इसलिए भी भारतीय बाज़ार में इसकी कीमत बहुत ज्यादा है.

दरअसल, यहां के लोगों के बीच यह स्पर्म काउंट बढ़ाने वाली आयुर्वेद औषधि के रूप में विख्यात है. जबकि यह अल्जाइमर, डायबिटीज़ जैसे कई अन्य रोगों के ख़िलाफ़ काफ़ी प्रभावी होता है. शिलाजीत को ढूंढना आसान काम नहीं होता. खतरनाक रास्तों को पार कर पहाड़ की चोटियों पर चढ़कर इसकी तलाश की जाती है.

शिलाजीत बनती कैसे है?शुरुआत में शिलाजीत पत्थर के अंदर ही मौजूद होती है. बाद में इसकी सफ़ाई और फ़िल्टर का काम किया जाता है. पहाड़ी गुफाओं से निकालने के बाद शिलाजीत को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा जाता है. आगे की प्रक्रिया में इन टुकड़ों को किसी बड़े वर्तन में डालकर पानी में तब तक घुमाया जाता है, जब तक शिलाजीत अच्छी तरह से पानी में घुल न जाए. अंत में शिलाजीत वाले पानी से हानिकारक कण छानकर अलग किए जाते हैं.महीनों की एक लंबी प्रक्रिया के बाद यह प्रयोग लायक बनती है.

अच्छे शिलाजीत में 86 प्रकार के खनिज तत्व पाए जाते हैं. यही कारण है कि इसके सेवन से शरीर का रक्त संचार तेज़ हो जाता है. यह अलज़ाइमर, डिप्रेशन और दिमाग़ के लिए लाभदायक होता है. भारत में 10 ग्राम शिलाजीत 200 से लेकर 800 रुपए तक बेचा जाता है. यह कीमत जगह के हिसाब से अलग-अलग होती है. बेचने वाली अपनी मर्ज़ी से इसकी क़ीमत लगाते हैं.सिर्फ़ शारीरिक क्षमता नहीं

और भी हैं शिलाजीत के फ़ायदे

एक अध्ययन के अनुसार, शिलाजीत ब्लड में ग्लूकोज के स्तर को कम करने में सहायक है. यह व्यक्ति को बीमारियों से लड़ने में मदद करता है. शिलाजीत कम टेस्टोस्टेरोन, भूलने की बीमारी क्रोनिक थकान सिंड्रोम, आयरन की कमी, पुरुष प्रजनन क्षमता में समस्या, महिलाओं के अनियंत्रित मासिक धर्म एवं हृदय के लिए लाभदायक है.

ऐसी तमाम खूबियों के बावजूद सीमित मात्रा में इसके सेवन की सलाह दी जाती है. इसका अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. किसी भी तरह की बीमारी के लिए इसके उपयोग से पहले डॉक्टरों की सलाह लेना न भूले. याद रहे किसी भी चीज़ की ‘अति’ हानिकारक ही होती है.

Back to top button