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शादी के निमंत्रण कार्ड से कोरोना का आमंत्रण, प्रशासन ने पहले नोटिस भेजा, फिर वसूला जुर्माना !

जोधपुर में इन दिनों शादी का एक कार्ड सुर्खियों में है। अन्य शादियों के निमंत्रण पत्र की तरह इस कार्ड की कोई खास विशेषता नहीं है, लेकिन इस पर बारीक अक्षरों में छपे 301 नाम सभी के आकर्षण का केन्द्र बन गए। सोशल मीडिया पर चर्चा में आए कार्ड को देख प्रशासन भी हरकत में आ गया। बेटा व बेटी की शादी का कार्ड छपवाने वाले सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहनलाल विश्नोई को नोटिस जारी कर दिया गया। कल आयोजित भोज के दौरान भी पचास से अधिक व्यक्ति पाए जाने पर प्रशासन ने वहां से कई लोगों को हटा दिया और 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा दिया। हालांकि विश्नोई का कहना है कि तय सीमा में ही मेहमान बुलाए गए थे। कार्ड पर अधिक नाम छपवाना हमारे यहां की परम्परा रही है।

मारवाड़ के ग्रामीण क्षेत्र में शादी के निमंत्रण पत्र पर बड़ी संख्या में रिश्तेदारों सहित कई लोगों के नाम छपवाने की परम्परा रही है। यहां पर लोग बड़ी संख्या में अपने जान-पहचान वाले लोगों के नाम छपवाते हैं। जितने अधिक नाम उतना ही अधिक रसूख माना जाता है, इसे छपवाने वाले का। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरजी गोदारों की ढाणी पडियाल के प्रधानाध्यापक मोहनलाल विश्नोई के बेटे व बेटी का मुकलावा (गौना) होने पर बुधवार को प्रीतिभोज का आयोजन था। इस आयोजन से पहले उनकी तरफ से छपाया गया निमंत्रण पत्र सुर्खियों में छा गया। इस कार्ड पर पूरे 301 नाम छपे थे। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने पर फलौदी प्रशासन भी हरकत में आ गया और एसडीएम एवं इन्सीडेन्ट कमांडर यशपाल आहूजा ने कार्ड छपवाने वाले व्यक्ति को 17 सीसीए के तहत आरोप पत्र जारी कर दिया।

आरोप पत्र में कहा गया है कि प्रीतिभोज एवं विवाह आशीर्वाद समारोह के लिए छपवाए गए आमंत्रण पत्र में करीब तीन सौ स्वागतकर्ताओं के नाम हैं। कोविड गाइड लाइन के मुताबिक विवाह समारोह में 50 से अधिक व्यक्तियों को आमंत्रित नहीं किया जा सकता। एसडीएम को भी ना तो विवाह की सूचना दी है और ना ही स्वीकृति के लिए आवेदन किया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि राजकीय सेवक होने के नाते आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि आप कोरोना गाइडलाइन की पालना करेंगे। इस निमंत्रण पत्र से स्पष्ट होता है कि आपने कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन किया गया है। यह कृत्य कर्तव्य के प्रति लापरवाही, कोविड गाइडलाइन के तहत सरकार के आदेशों की अवज्ञा तथा गंभीर दुराचरण का प्रतीक है।

लगाया 25 हजार रुपए का जुर्माना

फलौदी पंचायत समिति के बीडीओ ने बुधवार को मोटाई में आयोजित समारोह का निरीक्षण किया। वहां 50 से अधिक व्यक्ति पाए जाने पर विवाह आयोजक को 25 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया। एसडीएम के निर्देश पर बीडीओ ललित गर्ग ने आज मोटाई में प्रधानाध्यापक मोहनलाल विश्नोई के पुत्र व पुत्री की शादी के आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय वहां पर 50 से अधिक लोग एकत्रित पाए गए। इस पर राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। मौके पर उपस्थित लोगों ने फेस मॉस्क लगाया हुआ था और सैनिटाइजर का उपयोग किया जा रहा था। आयोजक ने मौके पर हाथ धोने के साबुन के अतिरिक्त मास्क व सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की हुई थी। ललित गर्ग ने आयोजक को तुरंत 50 से अधिक व्यक्तियों को कार्यक्रम स्थल से हटाने के लिए पाबंद किया था।

प्रधानाध्यापक मोहनलाल विश्नोई

हेडमास्टर बोले, सब राजनीति है, पचास मेहमान ही बुलाए गए थे

पहले नोटिस और बाद में जुर्माना लगाने से आहत मोहनलाल ने कहा कि राजनीतिक विद्वेश से मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है। मारवाड़ में कार्ड पर अधिक से अधिक लोगों के नाम लिखवाने की परम्परा रही है। यदि ये सभी लोग शादी स्थल पर एक साथ मौजूद हो तो नियमों के तहत जुर्माना किया जा सकता है, लेकिन सिर्फ नाम छपवाने पर नोटिस जारी किया जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आज भी चार-पांच स्थान पर बड़े आयोजन हो रहे है। उनके कार्ड में भी बड़ी संख्या में नाम लिखे हुए है, लेकिन उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। प्रशासन को सभी के साथ समान व्यवहार करना चाहिये। उन्होंने दावा किया कि कार्ड छपवाने के समय सौ लोगों की सीमा थी। बाद में इसे कम कर पचास कर दिया गया। मैने आयोजन में पचास करीबी लोगों को ही बुलाया था। इससे अधिक आदमी भी नहीं थे।

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