खेल

विश्व क्रिकेट के तीन रिकॉर्ड जिन्हें तोड़ना नामुमकिन, नंबर दो तो शायद ही कभी टूटे

ऐसे बहुत से दिग्‍गज खिलाड़ी है, जिन्‍होने अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन के चलते लोगों के दिलों पर आज भी राज करते आ रहे है। वहीं अगर भारतीय टीम के खिलाडि़यों के रिकॉर्डो की बात की जाये कई रिकॉर्ड बने है, तो टूटे भी है, पर खेल जगत के तीन ऐसे रिकॉर्ड है जिन्‍हें किसी भी खिलाड़ी के लिये तोड़ पाना नामुकिन है। अगर तीसरे नम्‍बर की बात की जाये तो शायद ही कोई खिलाड़ी तोड़ पायें।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि अन्‍य खेलों में सबसे अधिक पसन्‍द किया जाने वाला खेल सिर्फ क्रिकेट ही है, हो भी क्‍यो न क्‍योंकि भारतीय टीम में कई ऐसे खतरनाक बल्‍लेबाज है, जो अपने खेल प्रदर्शन से लोगों के दिलो में अपनी एक अलग ही जगह बना ली है। आज हम जिन तीन रिकॉर्डो के संबंध में बताने वाले है, वो कुछ इस प्रकार से है….
पहला : मैन ऑफ द मैच का खिताब हर मैच में कोई ना कोई खिलाड़ी जीतता है, लेकिन क्रिकेट इतिहास में सौरभ गांगुली एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है, जिन्होंने लगातार चार मैचों में मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता है। ऐसा करने में दुनिया का कोई भी खिलाड़ी सौरभ गांगुली की बराबरी नहीं कर सकता। आपको क्या लगता है कि क्रिस गेल और सौरव गांगुली का यह रिकॉर्ड कौन खिलाड़ी तोड़ सकता है? इस संबंध में आप लोग अपनी महत्‍वपूर्ण रॉय कमेंट बॉक्‍स में अवश्‍य लिखें।
दूसरा : क्रिस गेल तो हर मैच में ही ताबड़तोड़ बैटिंग करते हैं। लगभग हर मैच में ही वह छक्के तो मार ही देते होंगे। आपका सोचना सही है, हम बात कर रहे हैं क्रिस गेल के पहले टेस्ट मैच की। क्रिस गेल दुनिया के एकमात्र ऐसे खिलाड़ी है, जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच की पहली गेंद पर छक्का मारा था। उनके अलावा दुनिया में ऐसा करने वाला कोई और बल्लेबाज नहीं है।
तीसरा : भारत ने 60 ओवर वर्ल्ड कप जो भारत में 1983 में जीता था। 50 ओवर वर्ल्ड कप जो भारत ने साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीता था, और युवराज सिंह उसमें मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। 20 ओवर का वर्ल्ड कप भारत ने यह वर्ल्ड कप 2007 में जीता था, और यह भी महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही जीता था।

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