उत्तर प्रदेशख़बर

विवेक तिवारी मर्डर: चश्मदीद को गहरा सदमा, हर आहट पर कांप रही सना

विवेक तिवारी हत्याकांड की एक मात्र चश्मीदीत गवाह सना रविवार को भी गोमती नगर के विवेक खण्ड-3 स्थित उस किराए के मकान में थी, जिस पुलिस इस हत्याकांड के बाद से घेरे हुए है। मीडिया शनिवार से ही पुलिस पर सना को नजरबंद किये जाने का आरोप लगा रही है, वही पुलिस गवाह की सुरक्षा की कहानी बता रही है। रविवार को भी वह घर पुलिस व मीडिया से घिरा रहा, जिसमें सना रहती है। रविवार को सुबह से ही लोगों का इस मकान को देखने के लिए आना जारी रही।

वहीं सना घटना के बाद से इतनी अधिक खौफ जदा है कि वह हल्की सी आहट से भी कांप उठती है। रविवार को जब मीडिया के लोगों ने उससे बात करनी चाही तो पुलिस सुरक्षा में महिला ने कहा कि आज भी मेरे हाथ पांव कांप रहे हैं और मै कुछ भी बोलने की स्थिती में नहीं हू। सना की सुरक्षा में आठ महिला पुलिस कर्मी अभी भी उसके घर के भीतर तैनात है। आस-पड़ोस के मकानों में रहने वाले लोगों के घरों उनके शहर के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले मित्रों का आना जाना लगा रहा, क्योंकि घटना के बाद मीडिया की सुर्खियों में आयी सना जो की इस घटना की गवाह है उसको भी लोग देखना चाहते हैं।

वही दूसरी तरफ गोमती नगर क्षेत्र की शायद ही ऐसी कोई चाय-पान की दुकान हो जहां इस घटना का जिक्र न हो रहा हो। पत्रकारपुर चौराहे पर लगने वाली चाय की दुकानों पर इस घटना के बाद से लोगों में पुलिस के रवैये के खिलाफ लोगों खुलकर बोलते नजर आए। लोगों ने गोमती नगर थाने के कई सिपाहियों पर दुकानदारों के साथ ही रात में गश्त के दौरान लोगों से वसूली किये जाने के खुलकर आरोप लगाये।

लोगों का साफ-तौर पर कहना है कि बेलगाम पुलिस कर्मियों ने पहले वसूली की नियत से गाड़ी को दौड़ाया फिर सामने से आकर गोली दाग दी, लोगो का कहना था कि अगर विवेक गाड़ी लेकर भाग रहे थे तो वायरलैस के जरिये सूचना प्रसारित करके गाड़ी की घेराबन्दी भी की जा सकती थी, लेकिन पुलिस कर्मो ने गोली चला दी। लोगों का तो यह भी कहना है कि अगर मामला मीडिया में न आ जाता तो पुलिस इस मामले को कुछ दूसरा ही रंग देती।

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