क्राइम

लिव-इन पार्टनर को किडनैप कर ली गर्लफ्रेंड, फिर भाजपा नेत्री ने.. जानें हैरान करने वाली साजिश!

मेरठ. एक प्रेमिका द्वारा प्रेमी का अपहरण कर ढाई लाख रुपए की फिरौती वसूलने का मामला सामने आयाा है। इस पूरे प्रकरण में एक भाजपा नेत्री ने भी अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी के बाद घटना का खुलासा करते हुए भाजपा नेत्री और अपहृत की प्रेमिका समेत आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में भूडबराल नशा मुक्ति केंद्र के संचालक अंकुर विकल और प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। अंकुर विकल को एक दिन पहले ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर से 15 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में पकड़ा गया था। इस मुकदमे में भी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी दिखाई है।

मूलरूप से रिठानी निवासी कुलदीप कुमार वर्तमान में रेलवे रोड स्थित रानी मिल के समीप किराए के मकान में रहता है। उसका रिठानी निवासी अनीता से प्रेम प्रसंग हो गया। अनीता लिव इन रिलेशन में कुलदीप के साथ रहने लगी। एएसपी कृष्ण विश्नोई के मुताबिक, अनीता की नजर कुलदीप के रिठानी वाले मकान पर कब्जा करने की थी। सेटिंग से अनीता ने पहले नगर निगम में कुलदीप का नाम कटवाकर अपना नाम अंकित करा लिया। फिर अपने नाम से हाउस टैक्स जमा करने लगी।

इसके बाद उसने कुलदीप के खिलाफ थाने में मारपीट की तहरीर दे दी। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की महानगर मंत्री आरती सागर की सिफारिश पर पुलिस ने कुलदीप का चालान कर दिया। इसके बाद अनीता भाजपा नेता आरती, सोनू, जानी और पहलवान से मिल गई। सभी ने मिलकर कुलदीप को नशे का आदी बना दिया।

24 अगस्त को कुलदीप को रानी मिल वाले मकान से अगवा कर भूड़बराल स्थित नशा मुक्ति केंद्र लाया गया, जिसमें भूड़बराल नशा मुक्ति केंद्र के संचालक अंकुर विकल, रिठानी नशा मुक्ति केंद्र का संचालक अमित चौधरी और उनका साथी विवेक शामिल था।

अंकुर विकल ने कुलदीप की मां से ढाई लाख रुपये लेकर उसे 28 अगस्त को छोड़ दिया। यह रकम कुलदीप की मां ने अपना मकान गिरवी रखकर दी थी। पुलिस ने अंकुर विकल और अनीता को गिरफ्तार कर लिया।

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