सेहत

रोज खाएं अनार, दूर रहेगी ये बीमारियां; औषधीय गुणों के रूप में हजारों सालों से हो रहा है इस्तेमाल

नई दिल्ली (ईएमएस)। अनार को रोज सेवन करने से कई बीमा‎रियां दूर रहती है। एक्सपटर्स की माने तो अनार के दानों में मौजूद फाइटोकेमिकल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी के औषधीय गुणों के रूप में हजारों सालों से इस्तेमाल हो रहा है।भारत में अनार की सबसे ज्यादा पैदावार होती है।इसके अलावा, यह अमेरिका, अफगानिस्तान, रशिया चीन और जापान में भी उगता है।अनार के लाल रंग में पॉलीफेनल्स पाए जाते हैं जो कि एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स के रूप में काम करते हैं।

स्टडीज के मुताबिक, अनार में मौजूद एंटी-इफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज आर्थराइटीज यानी हड्डियों से जुड़े विकार में भी फायदेमंद मानी जाती है।इसके अलावा, अनार का जूस धमनियों में सुधार कर ब्लड फ्लों को भी बेहतर बनाने का काम करता है।इसे डेली डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, इम्यूनिटी, डाइजेशन और मेमोरी से जुड़ी दिक्कतों में राहत मिलती है।आयुर्वेद की एक्सपर्ट डॉ दीक्षा भवसार ने अपने एक हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट में रोज एक अनार खाने के फायदे गिनवाए हैं।

डॉ दीक्षा के मुताबिक, अनार खाने से अत्यधिक प्यास और जलन से राहत मिलती है।यह हमारी स्पर्म काउंट और सीमेन क्वालिटी को बेहतर बनाता है।आसानी से पचने वाला अनार डाइरिया, इंटस्टाइनल डिसॉर्डर और अल्सरेटिव कोलाइटिस की दिक्कत दूर करता है।अनार खाने से दिमाग शार्प होता है और इम्यूनिटी, बॉडी की स्ट्रेंथ बढ़ती है। हाइपरटेंशन और कॉलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने वाले अनार को हमारे दिल की सेहत के लिए भी अच्छा बताया गया है। इसमें रेड वाइन और ग्रीन टीन से तीन गुना ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, इसलिए इसे बेस्ट एंटी-इन्फ्लेमेटरी फूड कहना भी गलत नहीं होगा।यह फ्री रेडिकल्स को दूर करता है।कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है और इन्फ्लेमेशन की समस्या में राहत देता है।आयुर्वेद के अनुसार मीठा अनार त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को संतुलित करने में बहुत प्रभावी है, जबकि खट्टा अनार वात और कफ को संतुलित करता है और पित्त को बढ़ाता है।

अनार हमारी त्वचा, बाल और आंतों के लिए भी बड़ा फायदेमंद माना जाता है।अनार को फाइबर, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-के और पोटेशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है।एक अनार शरीर में फोलेट की दिन की एक-चौथाई जरूरत को पूरा करता है, जबकि विटामिन-सी की एक-तिहाई दैनिक जरूरत इससे पूरी हो जाती है।यह इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मददगार है और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है।

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