उत्तर प्रदेशख़बर

राम-लक्ष्मण उतरे मंच से और दे दिया धरना, वजह- काशी की बदबू!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के धनेसरा स्थित तालाब पर ऐतिहासिक लाट भैरो रामलीला देखने के लिए शनिवार को जब लोग इकट्ठा हुए तो लोगों की इस बात की उम्मीद नहीं थी कि यहां राम लक्ष्मण धरने पर बैठ जाएंगे। स्टेज पर जब राम और लक्ष्मण का किरदार निभा रहे कलाकार आए तो उन्होंने स्टेज पर संवाद बोलने के बजाए धरने पर बैठ गए। इन लोगों के साथ रामलीला कमेटी के सभी सदस्य भी मौजूद थे। दरअसल ये लोग रामलीला स्थल पर आने वाली दुर्गंध के खिलाफ धरने पर बैठे थे।

रामलीला कमेटी के लोगों का कहना है कि तालाब के आसपास बहुत गंदगी है, इसकी वजह से यहां लोग बीमार हो रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि यहां गंदगी की वजह से काफी बदबू आती है जिसकी वजह से यहां लोगों को बीमारी हो रही है। वह रामलीला आयोजकों का कहना है कि अधिकतर रामलीला की कहानी का मंचन आदमपुरा स्थित लाट भैरो मंदिर में होता है, लेकिन राम केवट संवाद का मंचन करने के लिए इस जगह को चुना गया था। जहां भगवान राम लक्ष्मण और सीता गंगा नदी को पार करते हैं। शनिवार की शाम जब रामलीला की टीम धनेसरा पहुंची तो लोगों ने देखा कि तालाब में भारी मात्रा में कूड़ा भरा है।

बदबू इतनी अधिक थी कि राम और लक्ष्मण का किरदार निभा रहे कलाकार मौके परे उल्टी करने लगे, जिसके बाद ये दोनों रामलीला करने की बजाए मंच पर धरने पर बैठ गए। कई घंटों की मशक्त और मान मनौव्वल के बाद दोनों ने रामलीला का मंचन शुरू किया । जिस तरह से ऐतिहासिक रामलीला स्थल पर कलाकार धरने पर बैठे उसकी वजह से कमेटी के अध्यक्ष राम अवतार पांडे को मौके पर आना पड़ा। राम अवतार पांडे ने नगर निगम के कमिश्नर को संपर्क किया। साथ ही मौके पर एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर एके सिंह भी पहुंचे और कलाकारों से उनका धरना समाप्त करने की गुजारिश की।

जब अधिकारियों ने इस बात का भरोसा दिलाया कि शनिवार के राम केवट एपिसोड से पहले इस तालाब को साफ करा दिया जाएगा तब जाकर रामलीला का मंचन शुरू हुआ। पांडे ने बताया कि यहां पर रामलीला का मंचन वर्ष 1545 से हो रहा है, लेकिन इस तरह की समस्या कभी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाके में रह रहे कुछ लोगों ने जानबूझकर षड़यंत्र किया था और यहां पर कूड़ा जमा कर दिया था। ही नहीं त्योहार के मौके पर यहां की गंदगी को साफ करने की भी कोई कोशिश नहीं की गई। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यहां की गंदगी को साफ करने का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार में मंत्री और यहां के विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि इस तालाब को फिर से सही करने का फैसला लिया गया है, यहां की गंदगी को साफ किया जाएगा।

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