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रामदेव बनाम एलोपैथी: चुप, चुप, चुप.. TV डिबेट में डॉ. लेले ने बाबा की बोलती कर दी बंद

नई दिल्ली
योग गुरू बाबा रामदेव और आईएमए के बीच मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है। रविवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने पत्र लिखकर अपील की थी कि रामदेव आईएमए से माफी मांगे। इसके कुछ ही देर बाद रामदेव ने पत्र लिखकर अपना बयान वापस ले लिया। लेकिन उसके बाद भी ये बवाल थमता नहीं दिख रहा। एक टीवी डिबेट शो के दौरान बाबा रामदेव और आईएमए के प्रतिनिधियों के बीच जमकर बहस देखने को मिली। कई बार दोनों एक दूसरे पर खूब बरसते हुए भी दिखाई दिए। कोरोना की बहस के दौरान आईएमए महासचिव डॉ जयेश एम लेले अचानक बाबा रामदेव पर बरस पड़े और बीच डिबेट में बोले आप चुप रहिए..चुप..चुप…चुप..यू कीप क्वाइट…यू कीप क्वाइट।

आपके पास गंभीर बीमारियों का कोई इलाज नहीं- रामदेव
बाबा रामदेव ने एक टीवी डिबेट शो के दौरान आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ राजन शर्मा से तीखी बहस हुई। इस दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि आज भी ऐलोपैथिक के पास कई ऐसे मर्ज जिसका कोई निदान नहीं है जबकि आयुर्वेद में बीपी, सुगर, थॉयराइड जैसी बीमारियों को इलाज है। राजन शर्मा ने बाबा रामदेव से कहा कि आप लेवल 3 में जाकर धोती कुर्ता में जाकर काम कीजिए। इसके जवाब में बाबा रामदेव भड़क गए और कहा कि आप मेरी कुर्ता, लंगोट की बात मत कीजिए। आप खुद को सर्व शक्तिमान मत मानिए।

आप योग साइंस का सम्मान करें- रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा कि हमारे पास हाइपरटेंशन, बीपी, सुगर, जैसी ऐसी बीमारियों का इलाज है। हमारे पास एक करोड़ पेशेंट का डेटा है जिनको हमने ठीक किया है। बाबा रामदेव ने कहा कि सीरियस पेशेंट, सर्जरी, लाइफ सेविंग ड्रग्स को छोड़कर मैं दावा करता हूं कि सारे मर्ज का इलाज हमारे पास है। बाबा रामदेव ने कहा कि मैं मेडिकल साइंस का सम्मान करता हूं। आप भी योग साइंस का सम्मान कीजिए।

कोरोनिल पर उठाया सवाल
बाबा रामदेव ने कहा कि डॉक्टरों के योगदान को स्वामी रामदेव ने कभी नहीं नकारा, लेकिन टिप्पणी सुनकर इतने असहिष्णु क्यों हो जाते हैं। यहीं टिप्पणी जब अमेरिका के डॉक्टर करते हैं तो हम उनके खिलाफ बोल नहीं पाते हैं। WHO कहता है कि कोरोना के लिए कोई दवा नहीं है। जो भी दवा दे रहे हैं वो सिम्प्टोमैटिक दवा है। तब भी हम कुछ नहीं कह पाते हैं। आईएमए के डॉ राजन शर्मा ने कहा कि हम लोग 24-24 घंटे लोगों की सेवा कर रहे हैं और आप डॉक्टरों को मजाक बना रहे हैं। इस दौरान आईएमए के महासचिव डॉ जयेश एम लेले ने कहा कि आपकी कोरोनिल अगर इतनी सार्थक थी तो फिर इतने लोग क्यों मरे।

फॉर्मा कंपनी पर उठाया सवाल
योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा, मैं डॉक्टरों का सम्मान करता हूं, मॉडर्न मेडिकल साइंस का सम्मान करता हूं। सबका सम्मान करते हुए मैं कहता हूं आयुर्वेद का अपमान क्यों किया जाता है? आयुर्वेद की आलोचना करना, उसे गाली देना, छद्म विज्ञान बताना गलत है? उन्होंने कहा कि एलोपैथी की आलोचना नहीं करता हूं। पूरी फार्मा इंडस्ट्री है, लेकिन डॉक्टर उसका शिकार क्यों हो जाते हैं? डॉक्टर किसी फॉर्मा कंपनी का प्रतिनिधि नहीं होता है।

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