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रात भर काटती थीं चींटियां, भूखे रहकर काटे दिन, रंग लाई 16 साल के बल्लेबाज की मेहनत

मुंबई की रणजी टीम में यूपी के भदोही के रहने वाले 16 साल के यशस्वी जायसवाल का नाम शामिल है. यशस्वी जायसवाल पहले घोषित हुई 15 सदस्यीय टीम में नहीं थे ,लेकिन बाद में श्रेयस अय्यर को इंडिया की टी-20 टीम में शामिल करने के बाद मुंबई की टीम में उन्हें जगह दी  गयी है. यहां तक पहुंचने के लिए यशस्वी ने जीतोड़ मेहनत की है.

इस खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है. यशस्वी के पिता भदोही में एक छोटी सी हार्डवेयर की दुकान देखते हैं. यशस्वी महज 10 साल की उम्र में ही क्रिकेटर का सपना लेकर मुंबई आ गए थे. यहां यशस्वी आजाद मैदान के एक क्लब से जुड़ गए थे. लेकिन उनके पास रहने के लिए छत भी नहीं थी. जिसके बाद यह आजाद मैदान में लगे टेंट में एक साल तक रहे थे. यशस्वी को यहाँ जमीन में सोना पड़ता था. जहां उनको चीटिंयां काट लिया करती थी.

दायें हाथ के लेग स्पिनर और बायें हाथ के बल्लेबाज यशस्वी अपने बेहतरीन खेल से सचिन तेंदुलकर जैसे महान खिलाड़ियों का दिल भी जीत चुके हैं.  भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने यशस्वी को तीन महीने पहले घर बुलाकर तोहफे में बल्ला दिया था. यशस्वी मानते हैं कि सचिन से उनका मिलना उनके जीवन के बेहतरीन पलों में से एक हैं.

यशस्वी ने मुंबई रणजी ट्रॉफी में चयन के बाद ख़ुशी जताई हैं. उन्होंने कहा हैं कि वह रणजी ट्रॉफी को खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. वह मैच के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे.

 

 

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