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रहे सावधान : पटना, गया, जमुई सहित इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, ऐसे सक्रिय हो रहा है मानसून

बिहार में मानसून पूरी तरह से सक्रिय है। इस कारण रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अभी अधिकतम तापमान सामान्य से 6 से 7 डिग्री कम है। बुधवार तक 2 से 3 डिग्री तापमान बढ़ सकता है। वहीं, मौसम विभाग ने मंगलवार को बिहार के 6 जिलों में भारी बारिश और बाकी 32 जिलों में हल्की मध्यम बारिश के साथ वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।

6 जिलों में भारी बारिश के आसार

बिहार के 6 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। पटना, गया, नालंदा, सारण, जमुई और अररिया के लोगों को इस वक्त सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इन जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। विभाग ने लोगों को इस दौरान सावधान रहने को कहा है। इसलिए अभी घर में ही रहें, सुरक्षित रहें।

32 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

राज्य के 32 जिलों पश्चिम चंपारण, सीवान, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नवादा, बेगूसराय, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल​​​​, कटिहार, भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वज्रपात भी हो सकता है।

ऐसे सक्रिय हो रहा है मानसून

मौसम विभाग के अनुसार मौसमीय सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय है। चक्रवाती परिसंचरण, कम दबाव का परिक्षेत्र और ट्रफ लाइन से मौसम की गतिविधि निर्धारित हो रही है। पिछले कुछ दिनों से दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस पास पर कम दबाव का क्षेत्र बना था, जो अब कमजोर पड़ गया है। बिहार में जहां क्षोभ मंडल में जहां 7 किलोमीटर उंचाई तक पूर्वी आद्र हवाओं का प्रवाह था वहां अब पश्चिमी हवाओं का प्रवाह हो गया है। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से वर्षा में थोड़ी कमी आएगी। तापमान बढ़ने और वायु मंडल में भारी मात्रा में नमी रहने के कारण अब बारिश के साथ वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाएंगी।

स्थिर हुई गंगा की रफ्तार

गंगा के बढ़ने की रफ्तार थम गई है। सोमवार को 9 घंटे से दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर स्थिर है। वहीं, गांधीघाट घाट पर जलस्तर में 3 सेमी की कमी आई है। लेकिन, हाथिदह में 1.12 मीटर जलस्तर बढ़ा है। सोमवार की सुबह 6 बजे दीघाघाट पर जलस्तर 47.74 मीटर, गांधीघाट पर 47.17 मीटर, हाथीदह में 38.98 मीटर मापा गया था। जबकि शाम 3 बजे दीघाघाट पर 47.74 मीटर, गांधीघाट पर 47.14 मीटर, हथिदह में 40.10 मीटर जलस्तर मापा गया है। हालांकि रविवार की शाम 4 बजे दीघा घाट का जलस्तर 47.59 मीटर, गांधी घाट का जलस्तर 47.15 मीटर, हाथीदह में 39.59 मापा गया था।

जबकि खतरे का निशान दीघा घाट पर 50.45 मीटर, गांधी घाट पर 48.60 मीटर, हाथीदह में 41.46 मीटर है। इधर, 24 घंटे में सोन नदी के जलस्तर में इंद्रपुरी घाट पर 66 सेमी, कोईलवर घाट पर 17 मीटर, मनेर घाट पर 6 सेमी की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को इंदुपुरी घाट पर जलस्तर 103.10 मीटर, कोईलवर घाट पर 49.65 मीटर, मनेर घाट पर 49.29 मीटर है। वहीं, 24 घंटे में पुनपुन नदी के जलस्तर में कमी आई है। पालमेरगंज घाट पर 93.44 मीटर, किंजर घाट पर 64.43 मीटर और श्रीपालपुर घाट पर 49.48 मीटर जलस्तर मापा गया है।

पिछले साल की तुलना में तीन मीटर ऊपर गंगा

21 जून 2020 की तुलना में 21 जून 2021 को गंगा का जलस्तर 3 मीटर ऊपर है। मानसून आने के साथ बारिश होने से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। 21 जून 2020 को दीघा घाट पर 44.98 मीटर, गांधी घाट पर 44.54 मीटर और हाथिदह में 36.26 मीटर जलस्तर मापा गया था। 21 जून 2021 को दीघा घाट पर 47.74 मीटर, गांधीघाट पर 44.54 मीटर, हथिदह में 39.98 मीटर मापा गया है।


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