उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, अयोध्या में बनेगी श्रीराम की सबसे ऊंची प्रतिमा

लखनऊ: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर हजारों साधु-संत और शिवसेनाके कार्यकर्ता जुटे हुए हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या में भगवान श्रीराम की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाने की घोषणा की है. सरकार ने बनने वाली प्रतिमा की तस्वीर भी मीडिया के सामने दिखाई है. अयोध्या में बनने वाली भगवान राम की यह प्रतिमा 221 मीटर ऊंची होगी. यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी.

शनिवार (24 नवंबर) देर रात बताया गया कि अयोध्या में भगवान राम की कुल 221 मीटर ऊंचाई वाली प्रतिमा स्थापित की जाएगी. इसके लिए चुनी गई पांच वास्तु फर्मों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुतीकरण दिया. सूत्रों के मुताबिक इस योजना में भगवान राम की 151 मीटर ऊंची मूर्ति के साथ साथ उस प्रतिमा के ऊपर 20 मीटर ऊंचा छत्र और नीचे कुल 50 मीटर का आधार होगा. इस तरह मूर्ति की कुल ऊंचाई 221 मीटर संभावित है.

धर्म सभा से पहले किले में तब्दील हुई अयोध्या
रविवार को विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) की धर्म सभा को देखते हुए अयोध्या को सुरक्षाबलों ने किले में तब्दील कर दिया है. बड़ी तादाद में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि एक अपर पुलिस महानिदेशक, एक पुलिस उप-महानिरीक्षक, तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 पुलिस उपाधीक्षक, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ, एटीएस कमांडो और ड्रोन तैनात किए गए हैं.

अयोध्या के मेयर रिषीकेश उपाध्याय ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं. उन्होंने बताया कि धर्म सभा के मद्देनजर 13 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है . शिवसेना को रैली करने की इजाजत सरकार ने नहीं दी है. बढ़ती ठंड के बीच धर्म सभा के आयोजन से धार्मिक नगरी अयोध्या में राजनीतिक गर्मी बढ़ गयी है.

हाल ही में जारी एक पर्चे में विहिप ने मंदिर निर्माण की बात जोर शोर से उठायी है. इसमें लिखा गया है, ‘सौगंध राम की खाते हैं, हम मंदिर भव्य बनाएंगे.’ धर्म सभा के आयोजकों का दावा है कि भगवान राम के तीन लाख से अधिक भक्तों के इस सभा में आने की उम्मीद है.

विहिप के मीडिया प्रभारी अंबुज ओझा ने बताया कि अब समय आ गया है कि जहां इस समय राम लला विराजमान हैं, वहां मंदिर निर्माण हो और अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा के भीतर कोई मस्जिद भी नहीं होनी चाहिए.

विहिप के प्रांत संगठन मंत्री (अवध) भोलेन्द्र ने एक बयान में कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए यह अंतिम धर्म सभा होगी. इसके बाद कोई धर्म सभा नहीं होगी और मंदिर निर्माण शुरू होगा. गौरतलब है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है.

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