उत्तर प्रदेश

योगी सरकार का बड़ा फैसला : UP बोर्ड की परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित, 15 मई तक 1 से 12वीं के स्कूल बंद

लखनऊ
यूपी में कोरोना संक्रमण के कहर के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला लिया है। यूपी में अगले आदेश तक 10वीं और 12वीं की यूपी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। अब मई में नई तारीखों पर विचार किया जाएगा। साथ ही 15 मई तक 1 से 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। उधर हरियाणा बोर्ड ने भी 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी हैं जबकि 12वीं की परीक्षाओं पर बाद में फैसला लिया जाएगा।

इसी के साथ यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी 15 मई तक टाल दी गई हैं। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में यह फैसला लिया गया है। इससे पहले दिनेश शर्मा न कहा था कि बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

8 मई से शुरू होने वाली थी परीक्षाएं
बता दें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ 8 मई से शुरू होने वाले थे। 10वीं की परीक्षा 12 कार्य दिवस (Working days) में पूरी होने के बाद 25 मई को खत्म होनी थी जबकि 12वीं की परीक्षाएं 15 दिन (Working days) बाद 28 मई को पूरी होनी थी। अब हालातों की समीक्षा के बाद अगला आदेश लिया जाएगा।

सीबीएसई की परीक्षाएं भी स्थगित
इससे पहले बुधवार को सीबीएसई की 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया गया जबकि 12 वीं की परीक्षाएं जून तक अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। देश भर के स्टूडेंट्स पैरेंट्स और टीचर्स के साथ- साथ कई राज्यों के मुख्यमंत्री, कई नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित या रद्द किए जाने की मांग की थी।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश

  • लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, गोरखपुर सहित 2000 से अधिक एक्टिव केस वाले सभी 10 जनपदों में रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक कोरोना कर्फ्यू प्रभावी होगा। कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
  • राजधानी लखनऊ में KGMU और बलरामपुर हॉस्पिटल को डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार किया जाएगा। लेकिन नॉन कोविड मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
  • लखनऊ में टीएस मिश्र हॉस्पिटल, इंटीग्रल और हिन्द मेडिकल कॉलेजों को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में क्षमता विस्तार किए जाने की आवश्यकता है। अगले दो दिनों ने यहां अतिरिक्त बेड्स उपलब्ध कराए जाएं।
  • पंचायत चुनावों में लगे कर्मियों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन हो। मतदान कर्मियों के लिए मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजेशन आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए।
  • सभी जनपदों में कोविड मरीजों के लिए बेड तथा ऑक्सीजन की समीक्षा प्रभारी हर दिन करेंगे। RTPCR टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 24×7 सक्रिय रहें।

प्रवासी कामगारों के लिए सरकार की गाइडलाइन

कोरोनावायरस संक्रमण के खतरे के बीच उत्तर प्रदेश लौट रहे प्रवासी कामगारों के लिए योगी सरकार ने प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत सभी जिलों में क्वारैंटाइन सेंटर बनेंगे। महाराष्ट्र, दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से पलायन कर यूपी आ रहे प्रवासियों का जिले में स्क्रीनिंग कराना जरूरी होगा। सात दिन का क्वारैंटाइन जरूरी कर दिया गया है। यानी कोई लक्षण नहीं होने के बावजूद भी सात दिन खुद को आइसोलेशन में रहना होगा। अगर लक्षण हैं तो 14 दिन क्वारैंटाइन रहना होगा।

क्या है टीम इलेवन?

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के चुनिंदा 11 अधिकारियों की एक टीम बनाई है। जिसे टीम इलेवन नाम दिया गया है। टीम-11 ने भी मुख्यमंत्री की रणनीति पर अमल करते हुए अपने स्तर पर टीम-11 तैयार किया है। यानी सीएम की टीम-11 के हर सदस्य की अपनी टीम-11 बनी है। इसमें मुख्य सचिव, तीन प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। इनके जरिए लोगों तक इलाज, सरकारी लाभ दिया जाता है।

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