उत्तर प्रदेश

योगी के गोरखपुर में वर्दी पर हर चौथे दिन लग रहा नया दाग, जानें कैसे पुलिस हो रही बदनाम

गोरखपुर . जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर लोगों की सुरक्षा का बोझ रहता है, गोरखपुर में उनकी हरकतें ही महकमे को शर्मसार कर रही हैं। सरकार बदल गई, अधिकारी बदल गए, लेकिन पुलिस का आचरण नहीं बदला है। जिले में पुलिसकर्मी अवैध वसूली, मारपीट से लेकर अपराध तक में शामिल पाए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर आए दिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है।

8 माह में 21 सस्पेंड, 39 लाइन हाजिर और 3 बर्खास्त
गोरखपुर में पुलिस अधिकारी जीरो टॉलरेंस पर काम करते हुए भ्रष्ट पुलिस वालों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। इस साल 31 अगस्त तक गोरखपुर में भ्रष्टाचार व लापरवाही को लेकर 21 पुलिस वालों का निलंबन किया गया। 39 कर्मियों को पुलिस लाइन का रास्ता दिखा गया। जबकि गंभीर मामलों में दोष सिद्ध होने पर तीन पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया गया। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जिन पर आपराधिक मामलों में केस दर्ज हुआ है और जेल में हैं।

कई सालों से लगातार हो रही भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
गोरखपुर में भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर अधिकारी बीते कई सालों से लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। वर्ष 2019 में 63 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी। 2020 में 75 पर कार्रवाई की गई थी। जबकि इस साल 2021 में अब तक 63 पुलिसकर्मियों को दंडित किया जा चुका है। इनमें से तीन पुलिसकर्मियों को सेवा से बाहर तक कर दिया गया है।

बख्शे नहीं जाएंगे दोषी पुलिसकर्मी
गोरखपुर के एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त और अनुशासनहीनता करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिस भी पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत मिल रही है या फिर उसकी अनुशासनहीनता सामने आ रही है। उसकी जांच कराकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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