ख़बरराजनीति

‘ये अन्नदाता हैं आतंकवादी नहीं.. ऐसी तैयारी पुलवामा में की होती तो 44 जवान शहीद न होते’

मोदी सरकार ने जो किसान कानून पास किया है, उसके विरोध में पंजाब और हरियाणा में किसानों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। बीते कुछ महीनों से किसानों ने पंजाब के कुछ शहरों में लगातार धरना प्रदर्शन किया है। बीते दिनों से ही किसानों का 26 नवंबर को दिल्ली कूच करने का मुद्दा काफी गरमाया हुआ था। लेकिन हरियाणा और दिल्ली में किसानों को रोकने के लिए सरकार से जिस तरह से प्रबंध किए हैं। उसपर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

हरियाणा सरकार द्वारा पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में किसानों को दिल्ली जाने से रोका जाए। जिसके चलते पुलिस हरियाणा के कई बॉर्डर्स सील कर दिए हैं। इसके साथ ही किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोलों की बौछार की है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि किसानों को रोकने के लिए बैरिकेड्स के साथ पत्थर लगा रखे हैं। इसके साथ बैरिकेड्स पर कंटीली तार लगा दी गई है। ताकि किसान अपने ट्रैक्टर और ट्राली लेकर दिल्ली की तरफ किसी भी हाल में न बढ़ पाए। दिल्ली हरियाणा से लगे शहरों में धारा-144 लागू की हुई है।

इस मामले में कांग्रेस नेता पंकज पुनिया ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार से सवाल किए हैं कि देश के अन्नदाताओं के साथ आतंकवादियों जैसा सलूक क्यों किया जा रहा है।

पंकज पुनिया ने ट्वीट में लिखा है कि “इस से आधी तैयारी भी पुलवामा में कर ली होती तो देश के 45 वीर सपूत यूं अपनी जान न गवाते। देश के अन्नदाता आ रहे हैं कोई आतंकवादी नहीं।”

आपको बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि जहाँ पर भी उन्हें रोका जाएगा, वे वहीँ पर मोर्चा खोल देंगे।


loading…

loading…

Back to top button