उत्तर प्रदेशराजनीति

यूपी में 40 विधायकों की टीम उतारे केजरीवाल, सबसे इकट्ठा कराएंगे बेहद स्पेशल रिपोर्ट

लखनऊ : साल 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए यूपी में सभी पार्टियां जुट गई हैं। इस बार सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी ने भी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। AAP यूपी में अपने 40 विधायकों की टीम भेज रही है। यह टीम यूपी में वॉलनटिअर्स से मिलेंगे, उनसे दिल्ली के विकास मॉडल के बारे करेंगे। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा लोगों को AAP में शामिल करवाएंगे।

पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती की अमेठी और रायबरेली की यात्रा इस रणनीति का हिस्सा थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने के आरोप में भारती अभी जेल में हैं।

ऐसे काम करेगी विधायकों की टीम
जिन विधायकों को आने के लिए कहा गया है उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जिनके उत्तर प्रदेश से संबंध हैं या उनके निर्वाचन क्षेत्रों में यूपी और पूर्वांचल के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है।

आप के प्रवक्ता वैभव महेश्वरी ने कहा कि 40 विधायकों को कई निर्वाचन क्षेत्र सौंपे गए हैं। उन्हें यूपी में आने, यहां के सदस्यों से बात करे, उनका मार्गदर्शन करने और पार्टी की ताकत और कमजोरियों का आकलन करने के लिए कहा गया है। ताकि वे पार्टी के नेतृत्व पर विश्वास कर सकें।

स्वास्थ्य और शिक्षा के विकास मॉडल पर चुनाव
AAP ने दिसंबर में 2022 के विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। इसके बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया यूपी के विकास मॉडल पर यूपी सरकार के एक प्रतिनिधि के साथ बहस करने के लिए लखनऊ आए। पार्टी ने अभी राज्य में चुनाव लड़ने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में अपने काम का मॉडल बनाया है और उसी आधार पर प्रचार करने की तैयारी है।

पूर्वांचल की आबादी वाले इलाकों में मिली जीत
आप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि AAP ने पूर्वांचल वोटों की अधिक आबादी वाली सभी सीटें जीतीं। इनमें से ज्यादातर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में स्थित हैं, जैसे शाहदरा, मयूर विहार, पटपड़गंज आदि। इन इलाकों के विधायकों का यूपी के लोगों से गहरा जुड़ाव है, जिसका इस्तेमाल राज्य में ही किया जा सकता है।

अगले कुछ महीनों में यूपी में काम करने वालों में मनीष सिसोदिया, नितिन त्यागी, अखिलेशपति त्रिपाठी, राजेंद्र गौतम, राखी बिड़ला, पवन शर्मा, अजेश यादव, नरेश यादव आदि शामिल हैं।

विधायकों की रिपोर्ट के बाद तय होगी रणनीति
पार्टी नेता ने बताया कि विधायकों की यह यात्रा दिसंबर में शुरू हुई और जनवरी के अंत तक समाप्त हो जाएगी। इसके बाद, पार्टी विधायकों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों की समीक्षा करेगी और अभियान के अगले चरण के लिए कार्य योजना तैयार करेगी।

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