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यूपी में भगवा अदालत: धर्मांतरण का ठहराया दोषी, ताबड़तोड़ पादरियों को दी सजा

यूपी में पता ही नहीं चलता कि यहां योगी सरकार और उसके कानून का राज है, या फिर भगवा ब्रिगेड को खाकी का काम करने के लिए तैनात किया गया है। ताजा मामला ताजनगरी आगरा का है। यहां धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए भगवा संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कुछ पादरियों के साथ जमकर मारपीट की। आरोपी विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के बताए जा रहे है।

पादरी रवि कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि मंगलवार को आगरा के एक होटल में आयोजित मीटिंग में 20 से 25 लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए घुस आए। शिकायत के मुताबिक, इन लोगों ने पादरियों को हॉकी से पीटा। इसके अलावा, मीटिंग में शामिल महिलाओं के कपड़े फाड़ डाले और उन्हें बालों से पकड़कर घसीटा। वहीं, ताजगंज पुलिस का कहना है कि वे होटल में धर्मांतरण किए जाने के आरोपों की जांच कर रहे हैं।

पादरी की शिकायत पर केस दर्ज होने में देर होने के आरोप पर ताजगंज के एसएचओ विनोद कुमार ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘पादरियों के खिलाफ लगे आरोप कोई बड़ी बात नहीं है। इसके अलावा, कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने वाले आरोपियों के खिलाफ ज्यादा धाराओं में एफआईआर हुई है।

उन्होने कहा, पादरी मुकदमा दर्ज कराने में डर रहे थे, इसलिए वे अगले दिन पुलिस स्टेशन आए। मैंने पादरियों को जमानत भी दे दी। अगर उन्होंने कोई धार्मिक कार्यक्रम रखा था तो उन्हें पुलिस को सूचना देनी चाहिए थी। ऐसी स्थिति में हम उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात कर सकते थे।’

इस केस में पुलिस ने वारदात के 5 घंटे के अंदर 7 पादरियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इन पर दो समुदायों के बीच धार्मिक आधार पर कटुता पैदा करने का आरोप है। लेकिन जिन लोगों पर इन पादरियों को पीटने का आरोप है, उन पर मुकदमा दर्ज करने में 24 घंटे से ज्यादा वक्त लग गया।

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