उत्तर प्रदेशराजनीति

यूपी में अटक सकता है योगी मंत्रिमंडल का विस्तार, जानें बड़ी वजह

लखनऊ. सरकारी विभागों के पुनर्गठन का असर फरवरी में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी पड़ सकता है। पुनर्गठन के लिए गठित कमेटी ने कई ऐसे विभागों के विलय की सिफारिश की है, जिनके वर्तमान में अलग-अलग मंत्री हैं। सरकारी विभागों के समायोजित होते ही इन विभागों के मंत्रियों का काम खत्म हो जाएगा। उन्हें या तो दूसरा विभाग आवंटित किया जाएगा या फिर कुर्सी जाएगी।

बता दें कि वीआरएस लेकर आए गुजरात कैडर के आइएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा को विधान परिषद में भेजे जाने के बाद योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। इसके अलावा पंचायत चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रिमंडल विस्तार की बात कही जा रही थी।

लेकिन अब विभागों के पुनर्गठन के लिए समिति के सुझावों और संस्तुतियों के आधार पर शासन स्तर से अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और सचिवों की राय मांगी गई है। अफसरों से कहा गया था कि प्राथमिकता पर वे प्रस्तावित कार्यवाही के सम्बंध में वे अपनी आख्या 20 जनवरी तक उपलब्ध कराएं।

आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ आ रहे हैं। इस दौरान वह प्रदेश के शीर्ष नेताओं और सरकार के सदस्यों के साथ अहम बैठक करेंगे। योगी मंत्रिमंडल में फेरबदल पर भी चर्चा हो सकती है।

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