उत्तर प्रदेश

यूपी परिवहन निगम ने बंद की गोरखपुर से बिहार और दिल्ली की बस सेवा

-खर्चों को कम करने के लिए लिया निर्णय

गोरखपुर। परिवहन निगम ने गोरखपुर डिपो से बिहार और दिल्ली के लिए चलने वाली नियमित बस सेवा को बंद कर दिया है। गोरखपुर डिपो से दिल्ली के लिए चल रही छह में से सिर्फ दो बसें गाजियाबाद और कौसांबी तक जा रही हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर और पटना रूट पर रोजाना चलने वाली तीन बसें भी गोरखपुर डिपो परिसर में खड़ी हो गई हैं।

दरअसल, परिवहन निगम प्रशासन ने बढ़ते कोरोना संक्रमण और घाटे को देखते हुए दूसरे राज्यों में चल रही बस सेवा को बंद कर दिया है। साथ ही प्रदेश में 40 फीसद से कम यात्री मिलने वाले रूटों पर भी बसों का संचालन रोक दिया है। ताकि, खर्चों को कम किया जा सके। वैसे भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों के लिए पहले से चल रही रोडवेज की 75 फीसद बसों का संचालन ठप हो गया है। गोरखपुर परिक्षेत्र से लंबी दूरी की चलने वाली बसें डिपो परिसर में खड़ी कर दी गई हैं। गोरखपुर डिपो से लखनऊ के बीच चलने वाली 22 में से सिर्फ आधा दर्जन बसें चल रही हैं। कानपुर के लिए छह में से महज दो बसें ही चल रही हैं। जानकारों के अनुसार टैक्स बचाने के लिए लंबी दूरी की 54 बसों को परिवहन विभाग में सरेंडर कर दिया गया है। ताकि, टैक्स बचाया जा सके। निगम प्रशासन अभी और दर्जनों बसों को सरेंडर करने की तैयारी कर रहा है। माह के अंत तक बसों का सरेंडर हो जाएगा।
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बाइपास सेवा पर भी रोक, रात्रिकालीन बस सेवा ठप

परिवहन निगम ने रात्रिकालीन बस सेवा को ठप करने के साथ ही बाइपास सेवा पर भी रोक लगा दी है। अब सभी बसें डिपो से होकर ही आगे के लिए रवाना होंगी। दरअसल, ट्रेनों की तरह रोडवेज की बसों को भी यात्री नहीं मिल रहे हैं। गोरखपुर से लोकल रूटों (देवरिया, पडरौना, तमकुहीराज, महराजगंज, सोनौली व ठुठीबारी आदि) पर तो यात्री मिल भी जा रहे, लेकिन गोरखपुर से लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली रूट पर यात्री नहीं मिल रहे।
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गोरखपुर से नहीं चल रहीं वातानुकूलित बसें

परिवहन निगम ने गोरखपुर और राप्तीनगर डिपो की 60 एसी बसों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जिसमें गोरखपुर डिपो की आठ और राप्तीनगर डिपो की 52 एसी बसें शामिल हैं। अब दोनों डिपो से यात्री मिलने पर सिर्फ सामान्य बसें ही चलाई जाएंगी।
यात्री नहीं मिलने से घाटे में चल रहा परिवहन निगम
यात्री नहीं मिलने से परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। गोरखपुर परिक्षेत्र में जहां सामान्य दिनों में रोजाना एक करोड़ व उससे अधिक की कमाई हो रही थी, अब लगभग 25 से 30 लाख रुपये पर आकर सिमट गई है। यात्रियों की संख्या के साथ कमाई भी लगातार घट रही है।
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चक्रवाती तूफान की वजह से रद हुई मुंबई की तीनों उड़ान

उधर, क्रवाती तूफान ताउते की वजह से सोमवार को गाेरखपुर से मुंबई के लिए होने वाली तीन उड़ान रद कर गई।यात्रियों की संख्या कम होने से केवल पांच फ्लाइट का परिचालन हो सका।पिछले एक सप्ताह से जाने वाले यात्रियों की संख्या 350 के करीब पहुंच गई है।अप्रैल के पहले सप्ताह में यह आकड़ा औसतन हर रोज एक हजार था।

मुंबई का मौसम खराब होने की वजह से स्पाइस जेट ने दोपहर व शाम को जाने वाली अपनी उड़ान रविवार शाम को ही रद कर दी। विमानन कंपनी इंडिगो ने सोमवार की सुबह मुंबई की उड़ान न होने की सूचना यात्रियों को दी।टिकट बुक कराने वालों को मंगलवार की फ्लाइट से भेजा जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से इंडिगो ने दिल्ली, प्रयागराज, कोलकाता व स्पाइस जेट ने दिल्ली की एक और अहमदाबाद की उड़ान रद कर दी।

सोमवार को गोरखपुर से बेंगुलरु, हैदराबाद, दिल्ली (दो) और लखनऊ की उड़ान हुई। एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर बाजपेई ने बताया कि मुंबई में मौसम खराब होने की वजह से वहां की उड़ान नहीं हुई।यात्रियों की संख्या कम होने की वजह से दिल्ली, प्रयागराज, कोलकाता व हैदराबाद की उड़ान को इंडिगो व स्पाइस जेट ने रद कर दी।

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