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मौसम की खबर: राजस्थान में समय से पहले आ रहा है मानसून, नौतपा का असर भी कम

जयपुर.

मौसम विभाग ने इस बार राजस्थान में समय से पहले मानसून आने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया है कि आगामी 2 जून तक प्रदेश के जयपुर, भरतपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के कई जिलों में बादल छाने, तेज आंधी चलने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। वहीं, इस बार मानसून भी 20 जून के आसपास आने की संभावना जताई जा रही है। यानी, इस बार हर साल की तुलना में चार से पांच दिन पहले यहां मानसून पहुंच जाएगा।

राज्य में इस साल नौतपा का असर भी पिछले 3 साल की तुलना में थोड़ा कम रहा। इसके पीछे कारण प्रदेश में बन रहा साइक्लोनिक सिस्टम है, जिसके कारण मौसम में बदलाव हुआ और बारिश के आसार बने। वहीं, इससे पहले आए चक्रवाती तूफान ताऊ ते के प्रभाव के कारण भी पारा ज्यादा नही चढ़ पाया। मौसम विभाग से मिले डेटा को देखें तो पिछले 3 साल में जयपुर में मई के आखिरी सप्ताह में अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री के आस-पास रहा, जो इस बार 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच है।

प्रदेश के मौसम की बात करें तो बीते दो दिनों से अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो रही है। बारिश के कारण भले ही तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हुई, लेकिन बढ़ोतरी भी नहीं हुई। शुक्रवार को प्रदेश के 8 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इसमें सबसे ज्यादा तापमान गंगानगर में 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाने और तेज हवा चलने के साथ-साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है।

चूरू में पहुंचा था 50 डिग्री तापमान

साल 2020 में नौतपा के दौरान सबसे अधिक तापमान चूरू में 50 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। इसके अलावा साल 2019 में मई के ही अंतिम सप्ताह में गंगानगर में 49 और चूरू में 48.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं 2018 में चूरू, गंगानगर में तापमान 47-48 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। इस साल गंगानगर में अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि चूरू 46.6 अभी तक सबसे ज्यादा तापमान नौतपा में दर्ज हुआ। जयपुर की बात करें तो 2018, 2019 और 2020 में नौतपा के दौरान मई में सबसे अधिक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो इस बार अब तक 43 डिग्री से ऊपर नहीं पहुंचा है।

समय से पहले आएगा मानसून

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून जो अरब सागर से आता है, उसके 20 जून तक आने की संभावना जताई गई है। जबकि प्रदेश में अमूमन मानसून का प्रवेश जून के आखिरी सप्ताह में होता है। मौसम विज्ञान से जुड़े एक्सपर्ट की मानें तो मौजूदा समय में जो सिस्टम बना हुआ है वह मानसून के अनुकूल है। अगर दक्षिण की ओर से आने वाली हाई प्रेशर हवाएं धीमी पड़ जाती हैं तो मानसून के आने में देरी भी हो सकती है।

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