धर्म

मौत के समय जिसके साथ ये चार चीजें, उसे यमदूत नर्क नहीं ले जाते

जीवन का कड़वा सच है मौत, जो हर किसी के जीवन का अंत करती है। मौत से न तो कोई बच पाया है और न ही बच सकता है। जो जीवित है उसे एक न एक दिन मरना है, यही विधि का विधान है। इसके बाद भी लोगों अपने चंद दिनों के जीवन को बेहतर बनाने और ज्यादा से ज्यादा धन कमाने के लिए गलत रास्ते को भी अपना लेते हैं।

Source: Google

जीवन की लीला भी बड़ी अजीब है, ऐसे में कुछ लोग जीवन भर पाप करते हैं और उनकी मौत के बाद उनके परिजन बेहतर तरीके और विधि के साथ अंतिम संस्कार करते हैं, वहीं कुछ लोग अपने जीवन में ही बेहतर काम कारते हैं ताकि उन्हें यमदूत नर्क न ले जाकर स्वर्ग का मार्ग दिखाएं।

Source: Google

लेकिन आज आपको कुछ ऐसे ‘जुगाड़’ बताया रहे है जिससे आप नरक जाने से बच सकते हैं! दरअसल, जुगाड़ इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमारे देश में लगभग हर काम में लोग ‘जुगाड़’ तलाशते हैं ताकि उनका काम आसानी से निपट जाए।

जानकारों के अनुसार, अगर मौत के समय ये चार चीजें साथ हो तो यमदूत नरक   नहीं ले जाते, आइए जानते हैं इन चार चीजों के बारे में।

Source: Google

तुलसी का पौधा: अगर मौत के दौरान तुलसी का पत्ता या पैधा सिर के पास हो तो यमदूत का भय नहीं रहता। पुराणों के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु को काफी पंसद है, शायद यही कारण है कि ये भगवान विष्णु के सिर पर विराजित हैं। लिहाजा ऐसी मान्यता है कि मृत्यु के दौरान तुलसी का पत्ता या पैधा सिर के पास हो तो यमदूत का भय नहीं रहता।

Source: Google

गंगाजलये और बात है कि हाल के दिनों में गंगा के साथ लोग खिलवाड़ कर रहे हैं, लेकिन गांग का जल आज भी उतना ही पवित्र है जितना पहले हुआ करता था! धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर मौत के समय मुंह में गंगाजल दिया जाए या सिर के पास रखा जाए तो उस व्यक्ति का तन-मन शुद्ध माना जाता है, जिसके कारण उन्हें यमराज का भय नही होता।

Source: Google

श्रीमद्भाग्वत गीता: यह एक पवित्र ग्रंथ है, जिसकों लेकर लोगों की मान्याता है कि इसके अनुसरण से व्यक्ति को बेहतर जीवन का मार्ग मिलता है। ऐसे में मौत से पहले अगर किसी व्यक्ति के सामने गीता का पाठ किया जाए तो व्यक्ति का तन और मन का मोह दूर होता है।

Source: Google

रामायण का पाठ: जानकारों के अनुसार मृत्युशैय्या पर लेटे व्यक्ति के लिए रामायण का पाठ करना काफी लाभदायक माना गया है। क्योंकि भगवान राम भी विष्णु के अवतार हैं, लिहाजा इस ग्रंथ में भगवान विष्णु के रामावतार की कथा है, जिसे सुनने से मन आनंद से भर आता है और मृत्यु पाने वाले व्यक्ति के लिए मुक्ति की राह आसान हो जाती है।

Back to top button