उत्तर प्रदेश

मेरठ: शमशान की टूटी छत से झरते पानी से बुझी चिता, 4 घंटों में दूसरी बार दी मुखाग्नि

मेरठ अब्दुल्लापुर शमशान में बरसात के कारण अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका। बरसात शुरू होते ही शमशान की टूटी छत से पानी का झरना सीधे चिता पर आकर गिरने लगा। लोगों ने चिता बचाने के लिए उस पर बोरी, कपड़े डाले मगर तेज बारिश के कारण चिता बुझ गई। लगभग एक घंटे बाद बरसात बंद होने पर दूसरी चिता सजाई, अचानक फिर बरसात होने लगी और चिता अधजली ही रह गई। शोकाकुल परिवार को अंतिम संस्कार चार घंटे लग गए।

अब्दुल्लापुर निवासी राजेश गुप्ता की माताजी का बुधवार देर रात अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। परिवार बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार के लिए अब्दुल्लापुर छिलौरा शमशान पहुंचा। जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी अचानक तेज बारिश आ गई और शमशान घाट की टूटी छत से सीधे चिता पर पानी का झरना बहने लगा।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहित राठौर ने बताया दो साल से शमशान घाट की छत टूटी है। नगर निगम को कई बार पत्लिखकर छत ठीक कराने की मांग की मगर सुनवाई नहीं है। क्षेत्रीय पार्षद शौकत अली सत्ताधारी दल से चुनाव जीते हैं। उनकी भी सुनवाई निगम में नहीं हाे रही।पार्षद ने स्वयं कई बार छत ठीक कराने का पत्र लिखा है। शमशानों को ठीक कराने के लिए सरकार इतना बजट दे रही है मगर निमग सुनवाई नहीं कर रहा।

खुली निगम के नाला सफाई की पोल
एक महीने से नगर निगम शहर के 271 नालों को सफाई करने का दावा कर रहा था। मेरठ में 311 नाले हैं। इसमें चार नालों की सफाई 32 लाख रुपए के ठेके पर हो रही है। थापर नगर नाला, ओडियन गेट नाला सहित अन्य दो नाले ठेके पर साफ हुए हैं। बाकी नाले नगर निगम खुद साफ कर रहा है। बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने निगम के हर दावे को फेल कर दिया। शहर में कई स्थानों पर पानी भर गया।

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