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मुंबई की तेजस्वी को लगा अजब शौक, 21 की उम्र में बनाया खास वर्ल्ड रिकॉर्ड

अपने शरीर पर टैटू बनवाना आज हर किसी का शौक बन चुका है, चाहे वो लड़का हो या कोई लड़की। एक ऐसी ही लड़की हैं 21 वर्षीय तेजस्वी प्रभुलकर, जिनका शौक है अपने पूरे शरीर पर टैटू बनवाना। इस अनोखे शौक की वजह से उनका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।

तेजस्वी प्रभुलकर मु्ंबई की रहने वाली हैं। उन्होंने अपने पूरे शरीर पर कुल 103 टैटू बनवाए हुए हैं। इसके खास उपलब्धि के लिए तेजस्वी का नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे अधिक टैटू कराने वाली भारतीय महिला के रूप में दर्ज हुआ है।

 

तेजस्वी जब 17 साल की थीं, तभी से उन्हें टैटू बनवाने का शौक चढ़ा। इसकी वजह से उन्हें अपना घर भी छोड़ना पड़ा, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने इस शौक को नहीं छोड़ा। तेजस्वी खुद भी एक टैटू आर्टिस्ट, पेंटर और मॉडल हैं।

तेजस्वी बताती हैं कि बचपन में भी उन्हें स्केचिंग (चित्रकारी) का काफी शौक था और उनकी मां चाहती थीं कि वो इसी कला को अपने करियर के तौर पर चुनें। लेकिन तेजस्वी ने उनकी बातों को नजरअंदाज कर कुछ अलग ही कर दिखाया।

हैरानी की बात तो ये है कि तेजस्वी ने टैटू आर्टिस्ट बनने के लिए कॉलेज की पढ़ाई तक छोड़ दी। वो बताती हैं कि जब उन्होंने कॉलेज छोड़ा, तो उनके साथी उन्हें खूब ताना मारते थे। लेकिन मैं उन्हें गलत साबित करना चाहती थी। तेजस्वी कहती हैं कि उनके शरीर पर बने हर टैटू का एक अलग मतलब है, जिसे वो अपनी जिंदगी से जोड़कर देखती हैं।

तेजस्वी बताती हैं कि उन्होंने अपना पहला टैटू अपने नाम यानी तेजस्वी नाम से बनवाया था। दरअसल, कुछ लोग उनके नाम का गलत उच्चारण करते थे और उन्हें तेजस्विनी या तेजश्री कहकर बुलाते थे, जिससे उन्हें काफी चिढ़ होती थी। इसीलिए उन्होंने अपने शरीर पर ही अपना नाम लिखवा लिया और आज ये काम उनका शौक बन चुका है।

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