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मायावती की सियासी गोटी: लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं अकेली, ये है वजह

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन का अभी ऐलान भी नहीं हुआ है, लेकिन लगने लगा है कि समाजवादी पार्टी ने अभी से बसपा के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है. इसकी वजह मानी जा रही है बसपा सुप्रीमो मायावती की खामोशी.

दरअसल सियासी जानकार मान रहे हैं कि हो सकता है कि मायावती आने वाला लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने का एलान कर दें. इसके पीछे कई तर्क भी दिए जा रहे हैं.

सियासी गलियारों में चर्चा है कि मायावती, अखिलेश को जोर का झटका देने की तैयारी में हैं. चर्चा है कि मायावती कह रही हैं कि शिवपाल के अलग पार्टी बना लेने और कांग्रेस के तीन हिंदी राज्यों में उभार के बाद समाजवादी पार्टी से समझौता घाटे का सौदा साबित होगा, क्योंकि कांग्रेस अगर अलग लड़ी तो बसपा से सपा को तो फायदा होगा लेकिन बसपा को नुकसान होगा, क्योंकि सपा का वोट बसपा को ट्रांस्फर नहीं होगा.

ऐसे में सपा के मतदाता जहां बसपा प्रत्याशी होगा, वहां शिवपाल की पार्टी को चला जाएंगे और कांग्रेस से गठबंधन न होने की स्थिति में भाजपा विरोधी मतों में सपा और बसपा दोनों के खिलाफ जबर्दस्त रिएक्शन होगा.

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