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मां और फर्ज में से फर्ज को चुने राशिद शेख, अब हर कोई हो गया इनका फैन

एक तरफ माँ बेटे का पवित्र रिश्ता तो दूसरी तरफ फर्ज शिद्द्त से निभाने का जज्बा, किसे चुनेंगे आप, ज़ाहिर है की ये एक ऐसा मामला है जहाँ कोई भी शख्स फंस जाए, सोच में पड़ जाए कि रिश्ता या फर्ज किसे चुने, जी हाँ ऐसे धर्म संकट में क्या किया जाए, कैसे किया जाए, सोचना बड़ा ही मुश्किल है. लेकिन महराष्ट्र के अहमदनगर से ऐसी खबर आई जिसकी चर्चा जिले भर में हो रही है. दरअसल अहमदनगर नगर निगम में काम करने वाले राशिद शेख नाम के कर्मचारी ने अपनी ही मां के सब्जी के ठेले का चालान काटकर उसे जब्त कर लिया है. शेख ने रिश्ता छोड़ फर्ज को अपनाया, और इस फर्ज अदायगी की चर्चा आज पूरे जिले में है.

ये तस्वीरें देख रहे हैं आप, ये बता रही है कि फर्ज पहले है, रिश्ते बाद में, ये बता रही है कि जब ड्यूटी पर हो तो कर्म प्रधान होता है. बता दें कि राशिद की मां शहर में सब्जी का ठेला लगाती है. और कोरोना नियमों के मुताबिक यह ठेला सुबह 9 से लेकर 11 के बीच में ही लगाया जाना चाहिए। जबकि राशिद की माँ दोपहर तकरीबन 12 बजे तक सब्जी बेच रही थी. फिर क्या था नगर निगम की गाड़ी जब नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सड़क पर निकली, तब कर्मचारियों ने राशिद की मां का सब्जी का ठेला देखा. यहाँ पर असमंजस की स्तिथि बन गई.

निगम कर्मचारी राशिद की मां को समझा बुझा कर कर बिना चालान किये ही छोड़ने वाले थे, लेकिन राशिद ने कहा कि नियम सबके लिए बराबर है अगर बाकी ठेले वालों पर कार्रवाई हो रही है तो उनकी मां के ठेले पर भी होनी चाहिए, खुद राशिद ने यह कार्रवाई करते हुए अपनी मां का ठेला जब्त कर लिया और चालान भी काट दिया. बता दें कि राशिद की माँ बेगम रफीक शेख ने अहमदनगर के पाथर्डी तहसील में ठेला लगाया था. राशीद ने अपना फर्ज अपनाया और एक मिसाल कायम की. इस बारे में आपका क्या कहना है कमेंट बॉक्स में बताए

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