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महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर उठ रहे ये 4 बड़े सवाल, जवाब तलाश रही पुलिस

प्रयागराज. Mahant Narendra Giri Death- सोमवार शाम को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाघम्बरी मठ स्थित उनके कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। इसमें कई राज छिपे हैं। संत समाज से लेकर बड़े-बड़े राजनेता और उनके अनुयायी महंत के सुसाइड पर सवाल उठा रहे हैं। हर कोई मौत का कारण जानना चाहता है। मामले की जांच सीबीआई से भी कराने की मांग की जा रही है। फिलहाल पुलिस गंभीरता से एक-एक पहलू की जांच कर रही है। साथ ही उन सवालों के जवाब भी तलाश रही है, जो महंत की मौत के बाद उठ रहे हैं। मामले के खुलासे के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर उच्च अधिकारियों की एक टीम भी गठित की गई है। सीएम योगी ने कहा कि मामले की जांच जारी है इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

1. किसने लिखा 12 पन्नों का सुसाइड नोट?
महंत के करीबी समाजसेवी फूलचन्द दुबे ने बताया कि महाराज को लिखना नहीं आता था, वह सिर्फ लेटर पैड पर अपना नाम लिखते थे। ऐसे में उन्होंने 12 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा कैसे लिखा, इस विषय पर जांच होनी चाहिए। वह बताते हैं कि महंत की अक्सर आमंत्रित पत्र और लेटर लिखवाया करते थे, जिन पर वह सिर्फ हस्ताक्षर करते थे।

2. क्या महंत को ब्लैकमेल किया जा रहा था?
क्या महंत नरेंद्र गिरि के कुछ वीडियो उनके शिष्यों के पास थे, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वह ब्लैकमेल कर रहे थे? सुसाइड नोट में महंत ने कुछ वीडियो का जिक्र किया है।

3. फंदे से क्यों उतारा शव?
सुसाइड के एक दिन पहले महंत का अपने लिए रस्सी मंगाना। पुलिस के पहुंचने से पहले ही कमरे का दरवाजा तोड़ना और रस्सी काटकर शव को नीचे उतारना। यह घटनाक्रम भी सवाल उठाता है कि इसमें कहीं कोई अंदर का आदमी तो इसमें शामिल नहीं था?

4. आत्महत्या के लिए किसने मजबूर किया?
महंत के करीबियों का कहना है कि वह किसी के दबाव में आने वाले शख्स नहीं थे। उनकी पहुंच सरकारों तक थी। मुख्यमंत्री तक से वह सीधे बात कर सकते थे। हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखते थे। फिर ऐसा कौन है जो उन पर दवाब बना रहा था? अगर ऐसा था भी तो उन्होंने मदद क्यों नहीं ली?

सुसाइड नोट में आनंद गिरि का जिक्र आया है। पुलिस ने उन्हें हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर सुसाइड के लिए आनंद गिरी जिम्मेदार है तो घटनाक्रम वाले दिन उन्हें प्रयागराज में होना चाहिए था। आनंद गिरि के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

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