उत्तर प्रदेश

मरीजों की परेशानी का फायदा उठाकर निजी अस्पताल ने वसूल रहा मनमाने पैसे !

कानपुर। . निजी अस्पताल वालों की मांगों से तंग होकर मरीज हैलट की ओर रुख कर रहे हैं। बिंदकी निवासी मलखान अपनी पत्नी गंगा देवी के इलाज के लिए कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल पहुंचे। वहां पर उनसे 50 हजार रुपए प्रतिदिन, दवा और जांचों का पैसा अलग बताया गया। अस्पताल की मोटी मांग से परेशान होकर वह पत्नी को लेकर हैलट पहुंचे। इनकी पत्नी को लो बीपी,किडनी में संक्रमण और सांस फूलने की शिकायत है। हैलट में भर्ती करके इनका उपचार शुरु किया गया।

बेबस रहे मरीज के परिजन
दुखी परिजन ने बताया कि,निजी अस्पतालों में चार दिन के इलाज में मनमाना पैसा वसूल लिया,मरीज भर्ती था कुछ बोल भी नहीं सकते थे। एक लाख 30 हजार रुपए वसूल लिए। यह बातें भाभी कांति देवी को हैलट लेकर पहुंचे मुंगीसापुर कानपुर देहात के रहने वाले देवर वीरेंद्र ने बताई। बताया कि भाभी का एक्सीडेंट हो गया था। इलाज के लिए कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था,जहां पर जमकर वसूली हुई। हैलट में इनको भर्ती किया गया।

फतेहपुर जिला अस्पताल से रेफर वाले केस ज्यादा
लगातार बीते कई दिनों से फतेहपुर जिला अस्पताल से मरीजों के रेफर होकर आने की तादाद बढ़ रही है। सोमवार को धरदेशपुर फतेहपुर निवासी बुजुर्ग राम अवतार रिटायर्ड कलेक्ट्रेट कर्मी है। पत्नी सुदामा बेटा रामराज और बहू सुषमा फतेहपुर जिला अस्पताल से रेफर कराकर हैलट लेकर पहुंचे। यहां बुजुर्ग की जांचे कराई गई। रिटायर्ड कलेक्ट्रेट कर्मी के बेटे ने बताया कि,जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीजों को सिर्फ टरकाया जाता है। वहीं जहानाबाद फतेहपुर निवासी मो. नबी शेर खान को गले मे दर्द की शिकायत पर बेटा मो. नफीस हैलट लाया जहां उसको जांच लिखकर निजी लैब से कराने को कहा गया।

उर्सला से रेफर, नहीं मिला आईसीयू में बेड
दहेली सुजानपुर निवासी प्रेम कुमार तिवारी को सोमवार को उर्सला में इलाज के दौरान हैलट रेफर किया गया। बेटे अविनाश ने बताया कि पिता को फेफड़ों में संक्रमण और फंगस की शिकायत है। हैलट में हालत गंभीर होने के बाद भी मरीज को इमरजेंसी में बेड दिया गया। परिजनों के कहने पर ईएमओ डॉ. सुबोध यादव ने मरीज का हाल जाना और आईसीयू में बेड खाली होते ही शिफ्ट करने का आश्वासन दिया।

चार साल के मासूम की आंखे आई बाहर

लालगंज रायबरेली के रहने वाले दुर्गा शंकर के चार साल के मासूम बेटे श्याम जी को आंख में जलन,सूजन और लाल होने की शिकायत पर हैलट इमरजेंसी लाया गया। बहन निधि ने बताया कि बीते कई दिनों से भाई को आंख में दिक्कत होने से ब्लैक फंगस का संदिग्ध मानकर इनको भर्ती किया गया।

इलाज के नाम पर दो लाख एडवांस जमा करने को कहा
बर्रा चार के रहने वाले कपिल मिश्रा बीते कई दिनों से स्वरुप नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। परिजनों ने बताया कि सोमवार को हालत बिगड़ने पर शारदा नगर स्थित एक निजी हाँस्पिटल पहुंचे जहां पर इलाज के नाम पर दो लाख एडवांस जमा करने को कहा गया। परिजनों ने बताया कि इनको लीवर की बीमारी है,पीजीआई में इलाज चलता है। ओपीडी बंद होने की वजह से समस्या हो रही है। हैलट में इनको भर्ती करके इलाज शुरू किया गया।

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