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बड़ीखबर: शिमला प्लानिंग एरिया में इतने मंजिला भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार

हिमाचल सरकार ने शिमला प्लानिंग एरिया में साढ़े तीन मंजिला भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। एनजीटी की ओर से ढाई मंजिला भवन से अधिक भवन निर्माण करने का प्रतिबंध लगाया है। करीब एक साल पहले लगाए गए इस प्रतिबंध के चलते टीसीपी कार्यालय में नक्शा पास करवाने के लिए आने वाले लोगों की आमद में भारी कमी आई है। इसी के चलते सरकार ने अब साढ़े तीन मंजिला भवन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

वहीं, एनजीटी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए सरकार ने फाइल एडवोकेट जरनल को भेज दी है। टीसीपी ने फाइल में जमीन का 35 डिग्री स्लोप भी 45 डिग्री तक किए जाने की बात कही है। तर्क दिया है कि प्लानिंग एरिया में काफी कंस्ट्रक्शन हो चुकी है। चार मंजिल के भवनों का निर्माण हुआ है।

बीच में प्लॉट खाली हैं। ऐसे में इन मकानों में रहने वाले लोगों के लिए धूप और हवा की कमी होगी। शिमला प्लानिंग एरिया में पहले चार मंजिला प्लस एटिक भवन बनाने का प्रावधान था। नेशनल ग्रीन ट्रिूब्यूनल ने प्लानिंग एरिया में ढाई से अधिक मंजिल भवन बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एनजीटी ने अपने फैसले डेविएशन किए जाने पर 5 और हजार रुपये शुल्क निर्धारित करने के आदेश दिए हैं। 5 हजार रुपये घरेलू और 10 हजार रुपये व्यावसायिक दरों पर प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से यह राशि वसूली जानी है। सरकार ने इस फैसले को चुनौती देने का फैसला लिया है।

लोग लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि एनजीटी के इस फैसले को या तो हाईकोर्ट में चुनौती दी जाए या सरकार मामले को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दे। शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी और शिक्षा मंत्री एवं शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने भी जनता को आश्वस्त कर इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का आश्वासन दिया है।

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