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बड़ा खुसाला : भारत में आतंकी हमले की साजिश में दाऊद कनेक्शन, पाकिस्तान के फार्म हाउस में दी गई ट्रेनिंग

भारत के प्रमुख शहरों में त्योहारों के सीजन में बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने का खुलासा हुआ है. इस हमले में दाऊद के कनेक्शन के भी पुख्ता सबूत मिले हैं. ये भी पता चला है कि पकड़े गए 6 आतंकियों में से दो आतंकियों को बकायदा पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी.

जहां ट्रेनिंग दी गई थी वो पाकिस्तान का एक फार्म हाउस था. जिसमें 14-15 लोगों को एक साथ ट्रेनिंग दी गई थी. यहां ट्रेनिंग देने के लिए दोनों संदिग्ध आतंकियों को मस्कट से शिप के जरिए 21 अप्रैल को ओमान के रास्ते पाकिस्तान के कराची में इन्हें लाया गया था.

पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर इंडिया आए दोनों आतंकियों की पहचान ओसामा और जीशान क़मर के रूप में हुई है. जबकि 4 अन्य आरोपी मोहम्मद अबु बकर, जान मोहम्मद शेख, मोहम्मद आमिर जावेद और मूलचंद लाला हैं.

10 टेक्निकल इनपुट मिले थे, सलेम सबसे पहले पकड़ा गया

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर ने बताया कि हमारे पास 10 टेक्निकल इनपुट थे. इसी इनपुट के आधार पर सबसे पहले महाराष्ट्र के सलेम को पकड़ा गया था. इससे पूछताछ में हैरानी करने वाली जानकारी मिली. जिसके बाद दो आतंकियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया.

इस तरह सभी इनपुट के जरिए उत्तर प्रदेश से भी 3 लोगों को यूपी एटीएस की मदद से पकड़ा गया. स्पेशल सीपी ने बताया कि अप्रैल 2021 में मस्कट से पाकिस्तान लाए गए दोनों आतंकी ओसामा और जीशान को पाकिस्तान के कराची के एक फार्म हाउस में रखकर विस्फोटक बनाने और एके-47 चलाने की 15 दिनों की ट्रेनिंग हुई थी. इन्हें पाकिस्तान आर्मी के 2 अफ़सर जब्बार और हमज़ा ने ट्रेनिंग दी थी.

भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

इस आतंकी नेटवर्क के निशाने पर देश के फेस्टिव सीजन थे. दरअसल, ये देश के अलग-अलग शहरों में त्योहारों के दौरान धमाके कराने की साजिश रच रहे थे. इस साजिश का पूरा ताना-बाना पाकिस्तानी में तैयार किया गया था.

इनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक और हाई क्वॉलिटी के हथियार बरामद किए गए हैं. पकड़े गए दोनों मुख्य आतंकी दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस के इशारे पर काम कर रहे थे. उसी के इशारे पर ये नवरात्रि और रामलीला के दौरान सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे.

हवाला के जरिए हो रही थी फंडिंग

पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि भारत में सक्रिय इस नेटवर्क को हवाला के जरिए फंडिंग मिल रही थी. हथियार लाने वाली टीम को एक अन्य टीम सपोर्ट कर रही थी. ये टीम हवाला के जरिए पैसा लाकर आंतकी के मुख्य नेटवर्क को पहुंचा रही थी. इसके अलावा इनकी एक सपोर्ट टीम भी बनाई हुई थी जो अन्य तरह की मदद भी पहुंचा रही थी.

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