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ब्लैक मनी? : मुश्किल में अनिल अंबानी की फैमिली, सबके स्विस बैंक खातों की जानकारी भारत को मिलेगी

कालेधन की लड़ाई में केंद्र सरकार को एक और बड़ी जीत मिली है। स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने एडीएजी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनके परिवार के स्विस बैंक अकाउंट की जानकारी भारत के साथ साझा करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्विटजरलैंड की सरकार और स्विस बैंक को यह आदेश दिया है। स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अनिल अंबानी की मुसीबत बढ़ सकती है।

अप्रैल 2011 से सितंबर 2018 तक की जानकारी दी जाएगी

स्विटजरलैंड की एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी, उनकी पत्नी टीना अंबानी, उनके बच्चों जय अनमोल और जय अंशुल के स्विस बैंक अकाउंट की जानकारी साझा करने का आदेश दिया है। इसके तहत स्विस बैंक खातों में अप्रैल 2011 से सितंबर 2018 तक हुए लेन-देन की जानकारी साझा की जाएगी। भारत ने अनिल अंबानी और उनके परिवार की जानकारी स्विटजरलैंड से मांगी थी। यह मामला स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने स्विस बैंक और स्विटजरलैंड सरकार को भारत को जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

कोर्ट ऑर्डर में नाम स्पष्ट नहीं

स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर में अंबानी परिवार के नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखे हैं। कोर्ट ऑर्डर में नाम A, B, C और D लिखे हैं। लेकिन स्विस मीडिया के रिपोर्टर ने कोर्ट के कागजातों के आधार पर कहा है कि A,B,C और D का प्रयोग अनिल धीरुभाई अंबानी, टीना अनिल अंबानी, जय अनमोल अनिल अंबानी और जय अंशुल अनिल अंबानी के लिए किया गया है। कोर्ट में फ्रैडरिक सैरा ने अंबानी परिवार का पक्ष रखा है।

भारत ने ज्यादा लोगों की जानकारी मांगी

स्विस मीडिया के रिपोर्टर का कहना है कि इस साल भारत की ओर से स्विटजरलैंड से ज्यादा लोगों की जानकारी मांगी गई है। स्विटजरलैंड की सुप्रीम कोर्ट ने भारत से सभी आवेदनों को मंजूरी दे दी है। स्विटजरलैंड का कानून अपने देश के प्राइवेट बैंकों में खाता खोलने वालों की जानकारी किसी देश के साथ साझा करने की अनुमति नहीं देता है। इसके लिए एक खास प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। हालांकि, यह स्विटजरलैंड पर निर्भर करता है कि वह जानकारी साझा करे या नहीं?

HSBC बैंक के लीक दस्तावेजों में आया था अनिल अंबानी का नाम

2015 में HSBC बैंक के सैंकड़ों दस्तावेज लीक हुए थे। इन लीक दस्तावेजों में अनिल अंबानी समेत कई भारतीयों के नाम शामिल था। इन भारतीयों पर आरोप था कि उन्होंने टैक्स से बचने के लिए स्विस बैंकों में खाते खुलवा रखे हैं। हालांकि, अभी तक भारत सरकार ने कालेधन की सूची में शामिल लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

भारत को स्विटजरलैंड से दो सेट में मिली जानकारी

स्विटजरलैंड के संघीय कर प्रशासन (FTA) की वित्तीय खातों की जानकारी साझा करने को लेकर 86 देशों के साथ करार है। इसमें भारत भी शामिल हैं। स्विटजरलैंड ने सबसे पहले 2018 के अंत में स्विस बैंक में खाते खुलवाने वालों की जानकारी 36 देशों के साथ साझा की थी। इसमें भारत शामिल नहीं था। सितंबर 2019 में स्विटजरलैंड ने भारत समेत 75 देशों के साथ जानकारी साझा की थी। पिछले साल अक्टूबर में भी भारत को अपने नागरिकों के स्विस खातों की जानकारी स्विटजरलैंड से मिली थी। भारत और स्विटजरलैंड के बीच खातों की जानकारी का अगला आदान-प्रदान सितंबर 2021 में होगा।

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