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ब्लैक फंगस का संकट: 177 मरीजों को 1 दिन में 708 डोज की जरूरत, बाजार में इंजेक्शन खत्म

हरियाणा में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) का प्रकोप बढ़ रहा है। राज्य में अभी 177 एक्टिव मरीज हैं। इन मरीजों को एक दिन में एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के 708 डोज की जरूरत है। लेकिन, ब्लैक फंगस का संक्रमण रोकने के लिए जो एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन लगाया जाता है, वह प्रदेश के बाजारों में नहीं मिल रहा है।

इसकी डिमांड 40 गुना तक बढ़ गई है। पीजीआई रोहतक में अभी 26 मरीज भर्ती हैं, जबकि यहां 100 केस आने की संभावना है। ऐसे में पीजीआई प्रबंधन ने सरकार से 6 हजार इंजेक्शन की डिमांड की है। क्योंकि यह मरीज के वजन के हिसाब से रोज 4-6 डोज लगती हैं। यानी एक मरीज काे 15 दिन में कम से कम 60 इंजेक्शन लगते हैं।

इस नए संकट को लेकर सरकार ने इंजेक्शन वितरण को हर जिले में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई हैं। इनके पास सरकारी व निजी अस्पताल डिमांड भेजेंगे। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यह इंजेक्शन दिए जाएंगे। सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में यह मुफ्त दिए जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों से सरकार इनकी लागत राशि जमा कराने पर सप्लाई करेगी। स्टेरॉयड जैसी दवाएं अब बिना पर्ची के कोई केमिस्ट नहीं बेच सकेगा।

12 हजार इंजेक्शन की खरीद प्रक्रिया शुरू

हरियाणा ने इंजेक्शन खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरियाणा मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड और केंद्र सरकार को 12 हजार इंजेक्शन की डिमांड स्वास्थ्य विभाग ने भेजी है। एचएमएससीएल इसके लिए टेंडर करेगा।

वहीं, एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन अब केंद्र सरकार अलॉट करेगी। हालांकि, अभी प्रदेश सरकार के पास कुछ इंजेक्शन हैं, जिससे काम चल रहा है। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि अभी पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार से और मंगवा रहे हैं।

कंपनियों ने 5 मई के बाद डीलरों को नहीं दी सप्लाई

इंजेक्शन बनाने वाली कई कंपनियों ने 5 मई के बाद प्रदेश में डीलरों को इंजेक्शन नहीं दिए हैं। प्रदेश में इस इंजेक्शन को बनाने के लिए कोई प्लांट नहीं है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश व महाराष्ट्र आदि से इंजेक्शन आते हैं। अंबाला, पंचकूला में इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले एक कंपनी के डीलर विजयंत अग्रवाल ने बताया कि पहले क्षेत्र में मुश्किल से 5-10 इंजेक्शन की डिमांड होती थी, वह भी सीधी सप्लाई अस्पतालों में हो रही थी। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली, गुड़गांव समेत पूरे प्रदेश से उनके पास 600-700 इंजेक्शन की डिमांड हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, पीजीआई रोहतक में पिछले साल 2-2 केस ही ब्लैक फंगस के आए थे।

ब्लैग फंगस से लड़ने की तैयारी

हर मेडिकल कॉलेज में 20-20 बेड

ब्लैक फंगस मरीजों के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में 20-20 बेड के वार्ड होंगे। सिविल अस्पतालों में मरीज आएंगे, तो उन्हें मेडिकल कॉलेजों में रेफर किया जाएगा।

इंजेक्शन वितरण को विशेषज्ञ समिति

एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन वितरण पर विशेषज्ञ समिति निर्णय लेगी। यह समिति ई-मेल amphobharyana@gmail.com पर अनुरोधों के लिए एक तंत्र तैयार करेगी।

ऐसे मिलेगा अस्पतालों को इंजेक्शन

आईसीयू के निदेशक/एमएस/प्रमुख के माध्यम से स्वास्थ्य संस्थानों से दवा आवंटित करने का अनुरोध समिति द्वारा ई-मेल amphobharyana@gmail.com पर विशेषज्ञ समिति को प्रस्तुत किया जाएगा। सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों को पीजीआईएमएस, रोहतक से इंजेक्शन मिलेगा।

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