उत्तर प्रदेश

बेलगाम हो रहा कोरोना : संक्रमित आने पर तुरंत करे इन नंबरों पर करें कॉल

लखनऊ
कोरोना वायरस भारत और दुनिया के दूसरे देशों में तेजी से बढ़ रहा है। आज भी तमाम लोग इस गलतफहमी में जी रहे हैं, कि उन्हें कोरोना नहीं हुआ। लेकिन ऐसा नहीं है। कोरोना ने किसी न किसी रूप में हर व्यक्ति को प्रभावित किया है। बस फर्क इतना है कि किसी को यह वायरस बुरी तरह संक्रमित कर गया तो किसी को लक्षणों के बाद भी पता नहीं चला कि उन्हें कोरोना कब हो गया। यानि की लोगों को कोरोना तो हुआ, लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी। इन लोगों ने एक या दो दिन तक केवल हल्के सर्दी-जुकाम या बुखार का अनुभव किया और जल्दी ठीक भी हो गए।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे बहुत से लेाग हैं, जो पहले से ही संक्रमित थे, लेकिन बेहतर इम्यूनिटी के कारण कोरोना इन्हें छू कर निकल गया। तो अगर आप जानना चाहते हैं कि क्या आपको भी कोरोना हुआ था, तो इसके लिए हम आपको 8 संकेत बता रहे हैं, जो आपके कोरोना संक्रमित होने का प्रमाण देंगे।

थकान
वास्तव में कोविड आपको पूरी तरह से थका सकता है। इसलिए यदि आप नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करते थे, तो यह वायरस का संकेत देता है। इस तरह की स्थिति आपके साथ दोबोरा बन सकती है, इसलिए कोविड के इस लक्षण को लेकर लापरवाही न बरतें।

गंध महसूस न होना
यदि कभी आपके मुंह का स्वाद बदल गया हो, अचानक से खाद्य या पेय पदार्थों की सुगंध आना बंद हो गई हो, तो इसका सीधा मतलब है कि आप वायरस से संक्रमित थे। कोरोना पॉजिटिव आने वाले 80 प्रतिशत लोगों में यह समस्या देखी गई है। यदि आपके साथ ऐसा हुआ हो, तो समझ लीजिए कि आपको कोरोना तो हुआ, लेकिन अच्छी इम्यूनिटी के कारण आप ज्यादा संक्रमित होने से बच गए।

शरीर का अधिक तापमान होना

केवल बुखार आना कोविड का प्रमुख संकेत नहीं है। बल्कि जो व्यक्ति संक्रमण के साथ बुखार से पीडि़त है या जिसके शरीर का तापमान 99-103 है,मान लीजिए वो कोरोना संक्रमित हो चुका है। यह तापमान तीन से चार दिन तक बना रह सकता है। हो सकता है यह आपको ठंड और कंपकपी के साथ आए। यदि किसी व्यक्ति को अपनी पीठ या छाती पर गर्माहट लगे, तो इसे कोविड का संकेत माना जा सकता है।

सीने में दर्द
बता दें कि कोविड -19आपके दिल पर भी बुरा असर डाल सकता है। अगर आपको सीने में जकडऩ हुई हो, तो हो सकता है आप कोरोना की गिरफ्त में आए हो। इस तरह की स्थिति दो सप्ताह या ज्यादा गंभीर लोगों में 6 सप्ताह तक बनी रहे, तो ध्यान देने की जरूरत है।

सांस लेने में कठिनाई
यदि आपको कभी भी किसी भी पल सांस लेने में कठिनाई आई हो, तो इसका मतलब है कि आप कोविड की गिरफ्त में हैं। सांस से जुड़ी तकलीफ वायरल संक्रमण से जुड़ी सामान्य जटिलता है। इससे पीडि़त होना भी कोविड-19 होने का संकेत है।

लगातार खांसी
खांसी कोरोना वायरस के सबसे प्रमुख लक्षणों में से एक है। यदि आपको सूखी खांसी है, जो ठीक होने में समय लगा रही है, तो यह कोविड-19 का लक्षण हो सकता है। यह सर्दी की वजह से होने वाली खांसी से थोड़ी अलग है। हो सकता है शुरूआत में आपको हल्की खांसी हो, लेकिन अगर ये 5-7 दिनों तक बनी रहे, तो समझ लीजिए कि आप कोरोना से गुजर चुके हैं और आपको पता भी नहीं चला।

ठंड लगना

सर्दियों में ठंड लगना असामान्य है। लेकिन अगर आपको 2019 के अंत में और 2020 की शुरूआत में यह लक्षण महसूस हुआ, तो संभव है आपको कोरोना हो चुका हो। ये जानने का सबसे अच्छा तरीका है कि कोविड लगभग दो सप्ताह या इससे ज्यादा समय तक रहता है। जबकि अगर आपको केवल ठंड लगी हो, तो आमतौर पर यह एक या दो दिन में ठीक हो जाती है। ठंड के विपरीत कोविड बुखार का कारण बन सकता है।

आंखों का लाल होना
वैसे तो कई तरह के वायरल इंफेक्शन में आंखें लाल हो जाती हैं और इनमें दर्द भी होता है। लेकिन कोविड महामारी के दौरान अक्सर हमें अपने हाथ धोने और बार-बार आंखों को छूने से बचने की सलाह दी जाती थी। इसका एक कारण यह है कि कोविड-19 आपकी आंखों को प्रभावित कर सकता है। यदि आपको कंजेक्टिवाइटिस , आंखों में पानी आना और धुंधलापन लगे, तो संभावना है कि यह स्थिति वायरस के कारण बनी हो।

कोरोना पॉजिटिव आने पर क्या करें
पहला स्टेप ः अगर आप किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए हैं या आपको कोरोना वायरस के कोई लक्षण नजर आ रहे हैं तो आप ICCC (इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर) पर कॉल करके टेस्ट के लिए सैंपल लेने का अनुरोध करें।

दूसरा स्टेप : अगर आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट लैब की जांच में कोविड-19 पॉजिटिव आए हैं तो ICCC के किसी भी नंबर पर कॉल करें और अपना पंजीकरण कराएं। पंजीकरण के बाद अपने परिवार के अन्य सदस्यों की जांच कराने और इलाके को सैनिटाइज कराने का अनुरोध करें।

तीसरा स्टेप :रजिस्ट्रेशन के लिए कोरोना पॉजिटिव मरीज की टेस्ट रिपोर्ट की फोटो खींचकर जरूरी दस्तावेज भी भेजें। ये दस्तावेज जारी किए गए वॉट्सऐप नंबर पर भेजे जा सकते हैं।

चौथा स्टेप : कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज का पंजीकरण होने और दस्तावेजों की जांच के बाद ICCC आपको कॉल करता है और आपके हेल्थ की जानकारी लेता है ताकि पता चल सके कि आपको होम आइसोलेशन की जरूरत है या अस्पताल में भर्ती कराने की।

पांचवां स्टेप अगर आप होम आइसोलेशन चुनते हैं तो आपको हेलो डॉक्टर हेल्पलाइन नंबर दिया जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर आप डॉक्टर की मदद ले सकें। उस नंबर पर आप बात करके प्रिस्क्रिप्शन भेजकर डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं और किसी भी तरह के संदेह को दूर कर सकते हैं।

छठा स्टेप अगर होम आइसोलेशन के दौरान आपकी हालत खराब होती है तो ICCC के किसी भी नंबर पर कॉल करें और खुद को अस्पताल में भर्ती करवाने को कहें। यहां से आपको अस्पताल शिफ्ट करने के लिए ऐंबुलेंस भेजी जाएगी, और अस्पताल में बेड मिल सकेगा।

सातवां स्टेप अगर आपकी हालत गंभीर है और ऐंबुलेंस आने में देरी हो रही है तो आप अपने वाहन से अस्पताल जा सकते हैं। आपके पास अस्पताल में एडमिशन संबंधी डीटेल भेजी जाती है उसके जरिए आपको अस्पताल में बेड मिल जाएगा।

11 डॉक्टरों के नंबर जारी

डॉ. आशुतोष शर्मा 8418930911
डॉ. नईम अहमद शेख 9616633000
डॉ. प्रज्ञा खन्ना 7311148300
डॉ. शाश्वत विद्याधर 9532993071
डॉ. अंकित कटियार 8808901755
डॉ. अनामिका पाण्डेय 7234044555
डॉ. उत्कर्ष बंसल 9453450145
डॉ. मोहिता भूषण 9670966888
डॉ. यशपाल सिंह 8601260267
डॉ प्रांजल अग्रवाल 9415023972
डॉ. पीके गुप्ता 9415541789

कोविड हेल्पलाइन यूपी : 1075
कोविड कमांड कंट्रोल रूम लखनऊ : 0522-4523000, 0522-2610145
हेलो डॉक्टर सेवा : 0522-3515700
केजीएमयू ओपीडी हेल्पलाइन : 0522-2258880
लोहिया संस्थान हेल्पलाइन : 0522-6692000/2001/2002

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