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बुजुर्ग का कैसे हो अंतिम संस्कार: पोतों को जेल भिजवाया अस्पताल, कोरोना पहले ही ले चुका है 3 बेटों की जान

पटना. बिहार के भागलपुर में एक 72 वर्षीय वृद्ध की लाश अंतिम संस्कार के इंतजार में है। ये हैं बांका जिले के अमरपुर प्रखंड के बल्लीकित्ता गांव निवासी 72 वर्षीय शशिधर कापड़ी, जिनकी मौत कोरोना से हो गई है। विडंबना देखिए कि कई घंटों से इनकी लाश अंतिम संस्कार की बाट जोह रही है। वृद्ध के तीन पुत्रों की मौत पहले ही कोरोना से हो चुकी है। फिर 72 वर्षीय शशिधर कापड़ी भी कोरोना से संक्रमित हो गए। इलाज के लिए इन्हें मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज में लापरवाही होते देख आक्रोशित दो पोतों अक्षय और छोटू ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने बरारी थाने को बुलाकर दोनों को गिरफ्तार करवा दिया। फिलहाल मृतक के दोनों पोते जेल में हैं। घर में बची हैं मृतक की पत्नी और एक पतोहू। अब सवाल यह खड़ा होता है कि मुखाग्नि कौन देगा।

घर के दो सदस्य की मौत ऑक्सीजन के आभाव में
परिजनों की मानें तो कोरोना से मात्र 18 दिनों में इस घर से 4 मौतें हो गईं हैं, जिनमें तीन मौत जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जबकि इनमें एक की मौत दिल्ली में हुई। परिजनों ने बताया कि मायागंज अस्पताल में 2 की मौत ऑक्सीजन के आभाव में हुई है, जबकि शशिधर कापड़ी की मौत कोरोना का इलाज के दौरान पोतों के जेल जाने की चिंता से हो गई।

परिवार के इन सदस्यों की कोरोना से हो चुकी है मौत

  • पहली मौत : शशिधर कापड़ी के 33 वर्षीय पुत्र प्रवेश कापड़ी की मौत बांका जिले के अमरपुर PHC में 23 अप्रैल की सुबह 3:48 में हो गई। ये 20 अप्रैल को दिल्ली से अपने घर आए थे। इलाज के लिए अमरपुर PHC ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
  • दूसरी मौत : इस परिवार के दूसरे सदस्य यानी शशिधर कापड़ी के दूसरे पुत्र निकुंज कापड़ी की मौत 30 अप्रैल को दिल्ली में कोरोना से हो गई।
  • तीसरी मौत : शशिधर कापड़ी के तीसरे पुत्र प्रमोद कुमार की मौत 31 अप्रैल की सुबह 5:40 में भागलपुर के मायागंज अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई। परिजनों ने इन्हें 30 अप्रैल की देर रात्रि में मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया था।
  • चौथी मौत : शशिधर कापड़ी की मौत 10 मई 2021 को मायागंज में इलाज के दौरान हो गई। वे अपने तीन पुत्रों प्रवेश कापड़ी, निकुंज कापड़ी और प्रमोद कापड़ी की कोरोना से मौत के बाद सदमे में थे। 23 अप्रैल को बेटे की मौत के बाद सदमे से 24 अप्रैल को इनकी तबियत खराब हो गई थी, जिसके बाद इन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इस वजह से हुआ था हंगामा
परिजनों ने बताया कि शशिधर कापड़ी के इलाज से पहले परिजनों ने इस घर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत को देखा था। परिवार में पुरुष में बचे इस घर के अंतिम सदस्यों के रूप में शशिधर कापड़ी के दो पोते अक्षय और छोटू ही बचे थे। मायागंज में हो रहे लापरवाही की वजह से शशिधर कापड़ी की स्थिति लगातार बिगड़ती चली जा रही थी। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों से लगातार गुहार करने के बाद भी जब लगातार लापरवाही की जा रही थी, तब आक्रोशित होकर अक्षय और छोटू ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इस हंगामे के बाद अस्पताल अधीक्षक ने बरारी थाना को बुलाकर दोनों पर FIR कर जेल भेज दिया।

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