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बिहार में सर्वाधिक डॉक्टरों की मौत: NMCH में बांटा बिना नोज क्लिप वाला मास्क, डॉक्टर बोले- हमारी जान से हो रहा खिलवाड़

पटना. बिहार में 136 डॉक्टरों की मौत से दहशत में रह रहे डॉक्टरों के सामने बड़ा खतरा आ गया है। ड्यूटी के दौरान उन्हें जो मास्क पहनने को दिया जा रहा है वह सुरक्षा के मानक पर सही नहीं है। पटना के सबसे बड़े कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा किया है।

जूनियर डॉक्टरों ने मास्क पर सवाल खड़ा करते हुए नोज क्लिप नहीं होने का आरोप लगाया है। मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ संस्थान के अन्य जिम्मेदारों से सुरक्षा की मांग की है। BMSICL के एमडी प्रदीप झा का कहना है कि मास्क में ऐसी गड़बड़ी नहीं है, कौन से मास्क की NMCH में सप्लाई है। BMSICL का है या फिर स्थानीय है, इसे देखना होगा।

डॉक्टरों की सुरक्षा में हो रही लापरवाही

नालंदा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अध्यक्ष डॉ रामचंद्र का कहना है कि ड्यूटी पर सीधा संक्रमितों के संपर्क में आने वाले डॉक्टर की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। डॉक्टर के साथ आए दिन अनहोनी हो रही है। असमय ही काल के गाल में समा रहे डॉक्टरों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं है। JDA के डॉक्टर देवांशु का कहना है कि हॉस्पिटल को कोरोना के लिए डेडिकेटेड बनाया गया है लेकिन यहां जो मास्क दिया जा रहा है उसमें संक्रमण का बड़ा खतरा है। डॉ देवांशु का कहना है कि मास्क तो N-95 दिया जा रहा है। लेकिन उसमें नोज क्लिप नहीं लगी है जिससे संक्रमण का खतरा रहता है।

नोज क्लिप की जगह केवल डिजाइन

JDA के डॉक्टर देवांशु का कहना है कि पिछले 15 दिनों से जो N-95 मास्क दिया जा रहा है। वह सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं है। इसमें नोज मेटल लगाया ही नहीं गया है। सिर्फ ऊपर से डिजाइन बना दिया गया है। मेटल क्लिप नहीं होने से नाक के पास गैप होता है जिससे संक्रमण को रोका नहीं जा सकता है। जब हॉस्पिटल डेडिकेटेड है और वहां कोविड के मरीज भरे पड़े हैं। ऐसे में बिना नोज क्लिप वाले मास्क से हमेशा खतरा बना रहता है। ऐसा मास्क चेहरे पर सही तरीके से नहीं बैठता है। इससे वायरस के नाक तक पहुंचने का खतरा रहता है। डॉक्टरों ने ऐसे ही कारणों से बिहार में डॉक्टरों की मौत होने की बात कही है। N-95 मास्क में जहां पर नोज क्लिप लगता है वहां पर दिखाने के लिए सिर्फ डिजाइन बना दिया गया है, ताकि ऊपर से देखने में ओरिजिनल लगे। डॉक्टरों का कहना है कि नाक से वायरस शरीर में प्रवेश कर रहा है और नाक ही उसके लिए दरवाजा है। जब नाक ही मास्क से सुरक्षित नहीं तो PPE किट का क्या मतलब है यह तो खिड़की जैसा है।

IMA ने कहा- डॉक्टरों के सामान को लेकर रहें गंभीर

IMA बिहार के स्टेट सेक्रेटरी डॉ सुनील कुमार का कहना है कि राज्य में अब तक 93 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है। दूसरी लहर में 94 की संख्या में डॉक्टरों की मौत हुई जबकि पहली लहर में 42 डॉक्टरों की जान गई। हम रोज शोक सभाएं कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, हम नहीं चाहते हैं कि ऐसा अब कभी हो। हमारे बीच सभी पूरी तरह से सुरक्षित रहें। इसलिए डॉक्टरों को दिए जाने वाले सुरक्षा के संसाधन की गुणवत्ता पूरी तरह से सही होनी चाहिए। इसमें कहीं भी चूक होगी तो खतरा बढ़ सकता है। डॉ सुनील ने कहा कि IMA यही चाहता है कि डॉक्टर पूरी तरह से सुरक्षित रहकर लोगों की जान बचाएं। इसलिए मांग है कि डॉक्टरों को दिए जाने वाले सामान पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान करने वाले ही हों।

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