राजनीति

बिहार में आ गया सियासी भूचाल, एक बयान ने बढा दी महागठबंधन की टेंशन

लोकसभा चुनाव के नज़दीक आते ही राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन बनने और बिगड़ने का सिलसिला चल रहा है. इस बीच बड़ी ख़बर है बिहार से. बिहार में भाजपा के विरोध में बने महागठबंधन से पहले जदयू अलग हो गई थी लेकिन बाद में राजद ने इसमें कई और पार्टियों को शामिल कर इसको मज़बूती दी थी. महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, एनसीपी, रालोसपा और हम जैसी पार्टियाँ शामिल हैं लेकिन अब ख़बर है कि हम गठबंधन में टिकट बँटवारे से ख़ुश नहीं है.

बिहार के पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी आर-पार के मूड में है, उन्होने सीट बंटवारे से पहले ही दबाव की राजनीति शुरु कर दी है, इसी सप्ताह उन्होने कहा था कि उन्हें अगर कुशवाहा की पार्टी से कम सीटें दी गई, तो वो अकेले चुनाव लड़ेगे, अब उनके निशाने पर कांग्रेस पार्टी है, अब वो कांग्रेस के बराबर सीटों की मांग कर रहे हैं।

मांझी की मांग
पूर्व सीएम ने कहा कि अगर महागठबंधन में उन्हें कांग्रेस से कम सीटें दी गई, तो वो अकेले ही 20 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, मांझी के इस बयान ने महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर होने वाले सिर-फुटोव्वल को जग जाहिर कर दिया है, बीते कुछ दिनों से मांझी लगातार बयान दिये जा रहे हैं, हालांकि उन्हें ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, इसी वजह से बयान देने के बाद भी कोई महागठबंधन का नेता उनसे ज्यादा बात करने या मनाने की भी कोशिश नहीं कर रहा है।

ज्यादा सीटों पर दावा
आपको बता दें कि दावा किया जा रहा था कि जीतन राम मांझी की पार्टी को 1 या 2 सीटें दी जा सकती है, जबकि बीते कुछ दिनों से वो ज्यादा सीटों पर दावा ठोंक रहे हैं, कहा जा रहा है कि अगर 2 सीट पर मांझी नहीं माने, तो उन्हें गठबंधन से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।

एनडीए के साथ थे मांझी
मालूम हो कि जीतन राम मांझी पहले एनडीए के साथ थे, 2015 विधानसभा चुनाव में वहां भी सीटों को लेकर उन्होने खूब नखरें दिखाये थे, अंत में सुलह के बाद चुनाव हुआ, मांझी खुद दो सीट से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन वो भी एक जगह से चुनाव हार गये, उनकी पार्टी के वो एकमात्र विधायक हैं। चुनाव के बाद वो एनडीए छोड़ महागठबंधन में आ गये, लेकिन यहां भी उन्हें खास तवज्जो नहीं मिल रहा है।

कुशवाहा को लालू ने दे दी है ग्रीन सिग्नल
कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही उपेन्द्र कुशवाहा एनडीए छोड़ महागठबंधन में आये हैं, सूत्रों के मुताबिक आगामी लोकसभा चुनाव में राजद 21, कांग्रेस- 12, रालोसपा- 04, मांझी-02, लेफ्ट -01 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।

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